Advertisements
Advertisements
प्रश्न
यदि A और B समान कोटि के आव्यूह हों तो (AB′–BA′)
विकल्प
विषम सममित आव्यूह है।
रिक्त (शून्य) आव्यूह है।
सममित आव्यूह है।
तत्समक आव्यूह है।
Advertisements
उत्तर
सही उत्तर विषम सममित आव्यूह है।
व्याख्या:
मान लीजिए P = (AB' – BA')
P' = (AB' – BA')'
= (AB')' – (BA')'
= (B')A' – (A')'B' ......[∵ (AB)' = B'A']
= BA' – AB'
= – (AB' – BA')
= – P
P' = – P
तो यह एक विषम सममित आव्यूह है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
यदि A = `[(2, -1, 3),(-4, 5, 1)]` और B = `[(2, 3),(4, -2),(1, 5)]` तब
आव्यूहों का व्यवकलन साहचर्य होता है।
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A की कोटि लिखिए।
यदि आव्यूह A = `[("a", 1, x),(2, sqrt(3), x^2 - y),(0, 5, (-2)/5)]`, तो A के अवयवों की संख्या लिखिए।
यदि संभव हो, तो A और B आव्यूहों का योग ज्ञात कीजिए, जहाँ A = `[(sqrt(3), 1),(2, 3)]`, और B = `[(x, y, z),(a, "b", 6)]` है।
यदि X = `[(3, 1, -1),(5, -2, -3)]` और Y = `[(2, 1, -1),(7, 2, 4)]` हों तो ज्ञात कीजिए कि एक आव्यूह Z जो इस प्रकार हो कि X + Y + Z एक शून्य आव्यूह हो।
आव्यूह A, B और C के ऐसे उदाहरण दीजिए जो इस प्रकार हों कि AB = BC, जहाँ A एक शून्येतर आव्यूह है, परंतु B ≠ C है।
यदि a = `[(1, 2), ( -2, 1)]`, b = `[(2, 3), (3, -4)]` और c = `[(1, 0), ( -1, 0)] `, हों तो सत्यापित कीजिए: A(B + C) = AB + AC.
यदि P = `[(x, 0, 0),(0, y, 0),(0, 0, z)]` और Q = `[("a", 0, 0),(0, "b", 0),(0, 0, "c")]` तो सिद्ध कीजिए कि PQ = `[(x"a", 0, 0),(0, y"b", 0),(0, 0, z"c")]` = QP.
यदि `[(2, 1, 3)] [(-1, 0, -1),(-1, 1, 0),(0, 1, 1)] [(1),(0),(-1)]` = A हो तो A ज्ञात कीजिए।
यदि A = `[(2, 1)]`, B = `[(5, 3, 4),(8, 7, 6)]` और C = `[(-1, 2, 1),(1, 0, 2)]` हो तो सत्यापित कीजिए कि A(B + C) = (AB + AC)
सिद्ध कीजिए कि किसी भी आव्यूह A के लिए A′A तथा AA′ दोनों ही सममित आव्यूह हैं।
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि A + (B + C) = (A + B) + C
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (a + b)B = aB + bB
यदि A = `[(1, 2),(-1, 3)]`, B = `[(4, 0),(1, 5)]`, C = `[(2, 0),(1, -2)]` तथा a = 4, b = –2 हों तो दिखाइए कि (AB)T = BTAT
A = `[(0, 1, -1),(4, -3, 4),(3, -3, 4)]` के लिए सत्यापित कीजिए कि A2 = I
यदि `3[("a", "b"),("c", "d")] = [("a", 6),(-1, 2"d")] + [(4, "a" + "b"),("c" + "d", 3)]` हो तो a, b, c और d के मान ज्ञात कीजिए।
यदि A एक वर्ग आव्यूह है जो A2 = A को संतुष्ट करता है तो दिखाइए कि (I + A)2 = 7A + I
आव्यूह P = `[(0, 0, 4),(0, 4, 0),(4, 0, 0)]` है।
आव्यूह `[ (1, 0, 0 ), ( 0, 2, 0), (0, 0, 4 )]` एक
दो विषम सममित आव्यूहों का योग सदैव ______ आव्यूह होता है।
एक आव्यूह जो आवश्यक नहीं कि वर्ग आव्यूह हो एक ______ आव्यूह कहलाता है।
यदि A सममित आव्यूह है तो B′AB ______ है।
यदि A और B दो समान कोटि के आव्यूह हैं तब A + B = B + A होता है।
यदि A और B समान कोटि के कोई दो आव्यूह हैं तब (AB)′ = A′B′
यदि A, B और C समान कोटि के वर्ग आव्यूह हैं तब AB = AC से सदैव B = C प्राप्त होता है।
यदि A = `[(2, 3, -1),(1, 4, 2)]` और B = `[(2, 3),(4, 5),(2, 1)]`, तब AB और BA, दोनों परिभाषित हैं तथा समान हैं।
(AB)–1 = A–1. B–1 जहाँ A और B व्यूत्क्रमणीय आव्यूह हैं जो गुणन के क्रम - विनिमेय नियम को संतुष्ट करते हैं।
