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मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है। - Mathematics (गणित)

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प्रश्न

मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओं का समुच्चय है तथा R में एक द्वि-आधारी संक्रिया * इस प्रकार परिभाषित है कि a * b = a + b – ab ∀ a, b ∈ R. तो द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव ______ है।

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उत्तर

द्वि-आधारी संक्रिया * के लिए तत्समक अवयव 0 है।

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संबंध एवं फलन
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अध्याय 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ ११]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Mathematics [Hindi] Class 12
अध्याय 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 29 | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्न

यदि f : R → R जहाँ f(x) = x2 - 3x + 2 द्वारा परिभाषित है तो f(f(x)) ज्ञात कीजिए |


मान लीजिए कि f : R → R है तब निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित चिन्ह फलन (Signum Function) है |

f(x) = `{(1"," x > 0), (0"," x = 0),(-1"," x < 0):}`

तथा g : R → R, g(x) = [x], द्वारा प्रदत्त महत्तम पूर्णांक फलन है, जहाँ [x], x से कम या x के बराबर पूर्णांक है, तो क्या fog तथा gof, अंतराल [0, 1] में संपाती (coincide) हैं?


यदि f = {(5, 2), (6, 3)} तथा g = {(2, 5), (3, 6)}, तो f तथा g के परिसर लिखिए।


प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में m * n = g.c.d (m, n), m, n ∈ N द्वारा द्वि-आधारी- संक्रिया * परिभाषित कीजिए।क्या संक्रिया * कर्मविनिमेय तथा साहचर्य है?


सिद्ध कीजिए कि f(x) = `x/(x^2 + 1)`, ∀ ∈ + R, द्वारा परिभाषित फलन f : R → R न तो एकैकी है और न आच्छादी है।


मान लीजिए कि f : R → R, f (x) = sin x तथा g : R → R g (x) = x2 द्वारा परिभषित हैं, तो f o g


मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} तथा R = {(1, 2), (1, 3)} पर विचार कीजिए। R एक संक्रामक संबंध है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f एकैक है तो f तथा g दोनों ही एकैक फलन हैं।


क्या g = {(1, 1), (2, 3), (3, 5), (4, 7)} एक फलन है? यदि g, g (x) = αx + β द्वारा वर्णित है, तो α तथा β का मान क्या निर्धारित होना चाहिए?


क्या क्रमित युग्मों का निम्लिखित समुच्चय, फलन हैं? यदि ऐसा है, तो जाँच कीजिए कि प्रतिचित्रण एकैक अथवा आच्छादि हैं कि नहीं हैं।

{(x, y): x एक व्यक्ति है, y माँ है x की}


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

g = {(1, 4), (2, 4), (3, 4)}


मान लीजिए कि X = {1, 2, 3} तथा Y = {4, 5}। ज्ञात कीजिए कि क्या X ×Y के निम्नलिखित उपसमुच्चय X से Y में फलन हैं या नहीं हैं।

k = {(1,4), (2, 5)}


मान लीजिए n एक निश्चित (स्थिर) धन पूर्णांक है। Z में एक संबंध R निम्लिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए : ∀ a, b ∈ Z, aRb यदि और केवल यदि a - b, भाज्य है n से। सिद्ध किजिए कि R एक तुल्यता संबंध है।


दिया हुआ है कि A = {2, 3, 4}, B = {2, 5, 6, 7}। निम्नलिखित में से उदाहरण की रचना कीजिए :

B से A में एक प्रतिचित्रण।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


निम्नलिखित में से N में एक संबंध परिभाषित करते है:

x + y = 10, x, y ∈ N

निर्धारित कीजिए कि उपर्युक्त संबंधो में से कौन-से संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक हैं।


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो f o g ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3} संबंध R = {1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 3), (1,3)}, पर विचार कीजिए, तो R _________ है।


मान लीजिए f: R → R, f(x) = `1/x` x ∈ R द्वारा परिभाषित है, तो f ______ है।


Z से Z में निम्नलिखित फलनों से कौन-से एकैकी आच्छादी हैं?


मान लीजिए कि f: R - `{3/5}` → R, f(x) = `(3x + 2)/(5x - 3)` द्वारा परिभाषित है, तो ______


मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि"  x  "परिमेय है")/(1-x  "यदि"  x  "अपरिमेय है")]`

द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।  


मान लीजिए कि समुच्चय A = {1, 2, 3} में परिभाषित एक संबंध R = {(3, 1), (1, 3), (3, 3), तो R सममित, संक्रामक है किंतु स्वतुल्य नहीं है।


मान लीजिए f: R → R, f(x) = sin (3x+2) ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित एक फलन है। तो f व्युत्क्रमणीय है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} में R = {{1, 1), (1, 2), (2, 1), (3, 3)} प्रकार से परिभाषित संबंध R स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक है।


फलनों का संयोजन क्रम-विनिमेय होता है।


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