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समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं।

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प्रश्न

समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f आच्छादी है तो f तथा g भी आच्छादी हैं। 

विकल्प

  • सत्य 

  • असत्य

MCQ
सत्य या असत्य
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उत्तर

यह विधान सत्य है।

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संबंध एवं फलन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: संबंध एव फलन - हल किये हुए उदाहरण [पृष्ठ ११]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Ganit Exemplar [Hindi] Class 12
अध्याय 1 संबंध एव फलन
हल किये हुए उदाहरण | Q 33 | पृष्ठ ११

संबंधित प्रश्न

यदि f(x) = x2 तो `(f(1.1) - f(1))/((1.1 - 1))` ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि फलन f : R → R , f (x) = 4x – 1, ∀ x ∈ R द्वारा परिभषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी है।


क्या Z (पूर्णांकों का समुच्चय) में m * n = m – n + mn ∀ m, n ∈ Z द्वारा परिभाषित द्विआधारी-संक्रिया * कर्म -विनिमेय है? 


यदि A = {1, 2, 3} तथा f, g, A × A के उप-समुच्चय के संग निम्नलिखित प्रकार सूचित संबंध हैं

f = {(1, 3), (2, 3), (3, 2)}

g = {(1, 2), (1, 3), (3, 1)}

f तथा g में से कौन फलन है और क्यों?


मान लीजिए कि R वास्तविक संख्याओ का समुच्चय है तथा f : R → R एक फलन है, जो f (x) = 4x + 5 द्वारा परिभाषित है। सिद्ध कीजिए कि f व्युत्क्रमणीय है तथा f–1 ज्ञात कीजिए।


मान लीजिए कि R प्राकृत संख्याओं के समुच्चय N में एक संबंध है, जो nRm यदि n विभाजित करता है m को, द्वारा परिभाषित है, तो R


मान लीजिए कि L किसी समतल में स्थित सभी सरल रेखाओं के समुच्चय को निरूपित करता है। मान लीजिए कि एक संबंध R, नियम lRm यदि और केवल यदि l लम्ब है m पर, ∀ l, m ∈ L, द्वारा परिभाषित है। तब R


समुच्चय A में 3 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 4 अवयव हैं, तो A से B में परिभाषित एकैक प्रतिचित्रणों की संख्या


समुच्चय A = {1, 2, 3} पर विचार कीजिए तथा R, A में छोटे से छोटा तुल्यता संबंध है, तो R = ______


f (x) = `sqrt(x^2  –3x +2)`  द्वारा परिभषित फलन f : R → R का प्रांत ______ है। 


मान लीजिए कि Z पूर्णांकों का समुच्चय है तथा R, Z में परिभाषित एक संबंध इस प्रकार है aRb, कि यदि a – b भाज्य है 3 से, तो R समुच्चय Z को ______ युगलत: असंयुक्त उप-समुच्चयों में विभाजन करता है।


समुच्चय A = {1, 2, 3} तथा R = {(1, 2), (1, 3)} पर विचार कीजिए। R एक संक्रामक संबंध है।


समुच्चय A, B तथा C के लिए, मान लीजिए कि f : A → B, g : B → C फलन इस प्रकार के हैं कि फलन g o f एकैक है तो f तथा g दोनों ही एकैक फलन हैं।


मान लीजिए कि f: R → R फलन f(x) = 2x – 3 ∀ x ∈ R द्वारा परिभाषित है। f–1 लिखिए।


यदि प्रतिचित्रण f तथा g क्रमश: f = {(1, 2), (3, 5), (4, 1)} तथा  g = {(2, 3), (5, 1), (1, 3)} द्वारा दत्त हैं, तो f o g लिखिए।


मान लीजिए n एक निश्चित (स्थिर) धन पूर्णांक है। Z में एक संबंध R निम्लिखित प्रकार से परिभाषित कीजिए : ∀ a, b ∈ Z, aRb यदि और केवल यदि a - b, भाज्य है n से। सिद्ध किजिए कि R एक तुल्यता संबंध है।


मान लीजिए कि A = R – {3}, B = R – {1}, मान लीजिए कि f : A → B, f (x) = `(x - 2) /(x - 3)` ∀ x ∈ A द्वारा परिभाषित है, तो सिद्ध कीजिए कि f एकैकी आच्छादी है।


मान लीजिए A = [-1, 1]। तो विचार कीजिए कि क्या A में परिभाषित निम्नलिखित फलन एकैकी, आच्छादक या एकैकी आच्छादी हैं:

h(x) = x|x|


फलन f , g: R → R क्रमशः f(x) = x2 + 3x + 1 तथा g(x) = 2x - 3 द्वारा परिभाषित हैं, तो g o f ज्ञात कीजिए:


मान लीजिए कि T, यूक्लिडिय समतल में, सभी त्रिभुजों का समुच्चय है तथा मान लीजिए कि T में एक संबंध R इस प्रकार परिभाषित है कि aRb, यदि a सर्वांगसम है b के, ∀ a, b ∈ T, तो R ______


Q ~ {0} में  a * b = ` (ab)/2` ∀ a, b ∈ Q ~ {0} प्रकार से परिभाषित द्वि-आधारी संक्रिया * का (के लिए) तत्सम अवयव ______ है।


यदि समुच्चय A में 5 अवयव हैं तथा समुच्चय B में 6 अवयव हैं, तो A से B में एकैकी तथा आच्छादक प्रतिचित्रणों की संख्या ______ है।


मान लीजिए f: [0, 1] → [0, 1] f(x) =`[(x, "यदि"  x  "परिमेय है")/(1-x  "यदि"  x  "अपरिमेय है")]`

द्वारा परिभाषित है, तो (f o f) x ______ है।  


मान लीजिए कि f: R → R f(x) = tan x द्वारा दत्त है, तो f-1(1) _______ है।


मान लीजिए कि N में एक संबंध R, aRb यदि 2a + 3b = 30 द्वारा परिभाषित है, तो R = ______।


मान लीजिए कि A = {1, 2, 3, 4, 5} में एक संबंध R = {(a, b) : |a2 - b2| <8 द्वारा परिभाषित है, तो R _______ द्वारा व्यक्त है।


मान लीजिए कि f: R → R, f(x) = `x/sqrt(1 + x^2)` द्वारा परिभाषित है, तो ( f o f o f ) (x) = ______।


एक पूर्णांक m एक अन्य पूर्णांक n से संबंधित कहालाता है, यदि m, एक पूर्णांकीय गुणज है n का। Z में इस प्रकार का संबंध स्वतुल्य, सममित तथा संक्रामक होता है।


किसी समुच्चय में किसी द्वी-आधारी संक्रिया का तत्समक अवयव सदैव होता है।


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