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NCERT solutions for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 chapter 4 - d- एवं f- ब्लॉक के तत्व [Latest edition]

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NCERT solutions for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 chapter 4 - d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12.


पाठ्यनिहित प्रश्नअभ्यास
पाठ्यनिहित प्रश्न [Pages 93 - 115]

NCERT solutions for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व पाठ्यनिहित प्रश्न [Pages 93 - 115]

4.1Page 93

सिल्वर परमाणु की मूल अवस्था में पूर्ण भरित d कक्षक (4d10) हैं। आप कैसे कह सकते हैं कि यह एक संक्रमण तत्व है?

4.2Page 96

श्रेणी, Sc (Z = 21) से Zn (Z = 30) में, ज़िंक की कणन एन्थैल्पी का मान सबसे कम होता है, अर्थात् 126 kJ mol−1; क्यों?

4.3Page 99

संक्रमण तत्वों की 3d श्रेणी का कौन-सा तत्व बड़ी संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाता है एवं क्यों?

4.4Page 100

कॉपर के लिए `E_((M^(2+)//M))^Θ` का मान धनात्मक (+0.34 V) है। इसके संभावित कारण क्या हैं?

(संकेत – इसके उच्च ΔaHΘ और ΔhydHΘ पर ध्यान दें।)

4.5Page 102

संक्रमण तत्वों की प्रथम श्रेणी में आयनन एन्थैल्पी (प्रथम और द्वितीय) में अनियमित परिवर्तन को आप कैसे समझाएँगे?

4.6Page 103

कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?

4.7Page 103

Cr2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?

4.8Page 104

\[\ce{M^{2+}_{ (aq)}}\] ion (Z = 27) के लिए ‘प्रचक्रण-मात्र' चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।

4.9Page 106

स्पष्ट कीजिए कि Cuआयन जलीय विलयन में स्थायी नहीं है, क्यों? समझाइए।

4.10Page 115

लैन्थेनॉयड आकुंचन की तुलना में एक तत्व से दूसरे तत्व के बीच ऐक्टिनॉयड आकुंचन अधिक होता है। क्यों?

अभ्यास [Pages 117 - 119]

NCERT solutions for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व अभ्यास [Pages 117 - 119]

4.1 (i)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Cr3+

4.1 (ii)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Pm3+

4.1 (iii)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Cu+

4.1 (iv)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Ce4+

4.1 (v)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Co2+

4.1 (vi)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Lu2+

4.1 (vii)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Mn2+

4.1 (viii)Page 117

निम्नलिखित के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

Th4+

4.2Page 117

+3 ऑक्सीकरण अवस्था में ऑक्सीकृत होने के संदर्भ में Mn2+ के यौगिक Fe2+ के यौगिकों की तुलना में अधिक स्थायी क्यों हैं?

4.3Page 117

संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी होती जाती है?

4.4Page 117

प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस सीमा तक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को निर्धारित करते हैं? उत्तर को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

4.5Page 117

संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?

3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4

4.6Page 117

प्रथम संक्रमण श्रेणी के ऑक्सो-धातुऋणायनों का नाम लिखिए; जिसमें धातु संक्रमण श्रेणी की वर्ग संख्या के बराबर ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित करती है।

4.7 (i)Page 117

लैन्थेनॉयड आकुंचन क्या है?

4.7 (ii)Page 117

लैन्थेनॉयड आकुंचन के परिणाम क्या हैं?

4.8 (i)Page 117

संक्रमण धातुओं के अभिलक्षण क्या हैं? ये संक्रमण धातु क्यों कहलाती हैं? 

4.8 (ii)Page 117

d-ब्लॉक के तत्वों में कौन से तत्व संक्रमण श्रेणी के तत्व नहीं कहे जा सकते?

4.9Page 117

संक्रमण धातुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस प्रकार असंक्रमण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से भिन्न हैं?

4.10Page 117

लैन्थेनॉयडों द्वारा कौन-कौन सी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित की जाती हैं?

4.11 (i)Page 117

कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ तथा उनके अधिकांश यौगिक अनुचुंबकीय हैं।

4.11 (ii)Page 117

कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।

4.11 (iii)Page 117

कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।

4.11 (iv)Page 117

कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।

4.12 (i)Page 117

अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?

4.12 (ii)Page 117

अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?

4.13Page 117

संक्रमण धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता असंक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

4.14Page 117

आयरनक्रोमाइट अयस्क से पोटैशियम डाइक्रोमेट बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। पोटैशियम डाइक्रोमेट विलयन पर pH बढ़ाने से क्या प्रभाव पड़ेगा?

4.15 (i)Page 117

पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –

आयोडाइड आयन

4.15 (ii)Page 117

पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –

आयरन (II) विलयन

4.15 (iii)Page 117

पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –

H2S

4.16 (i)Page 117

पोटैशियम परमैंगनेट को बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट किस प्रकार आयरन (II) आयन से अभिक्रिया करता है? अभिक्रियाओं के लिए आयनिक समीकरण लिखिए।

4.16 (ii)Page 117

पोटैशियम परमैंगनेट को बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट किस प्रकार SO2 से अभिक्रिया करता है? अभिक्रियाओं के लिए आयनिक समीकरण लिखिए।

4.16 (iii)Page 117

पोटैशियम परमैंगनेट को बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट किस प्रकार ऑक्सैलिक अम्ल से अभिक्रिया करता है? अभिक्रियाओं के लिए आयनिक समीकरण लिखिए।

4.17 (i)Page 118

M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।

4.17 (ii)Page 118

M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।

4.18Page 118

निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?

Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।

4.19Page 118

प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की +2 ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की तुलना कीजिए।

4.20 (i)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

4.20 (ii)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

परमाण्वीय एवं आयनिक आकार

4.20 (iii)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

ऑक्सीकरण अवस्था

4.20 (iv)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

रासायनिक अभिक्रियाशीलता

4.21 (i)Page 118

आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।

4.21 (ii)Page 118

आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।

4.21 (iii)Page 118

आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।

4.22Page 118

असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।

4.23Page 118

प्रथम संक्रमण श्रेणी में कौन-सी धातु बहुधा तथा क्यों +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती हैं?

4.24Page 118

निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए –

Mn3+, Cr3+, V3+ तथा Ti3+। इनमें से कौन-सा जलीय विलयन में अतिस्थायी है?

4.25 (i)Page 118

उदाहरण देते हुए संक्रमण धातु के रसायन के निम्नलिखित अभिलक्षण का कारण बताइए –

संक्रमण धातु का निम्नतम ऑक्साइड क्षारकीय है, जबकि उच्चतम ऑक्साइड उभयधर्मी अम्लीय है।

4.25 (ii)Page 118

उदाहरण देते हुए संक्रमण धातु के रसायन के निम्नलिखित अभिलक्षण का कारण बताइए –

संक्रमण धातु की उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था ऑक्साइडों तथा फ्लुओराइडों में प्रदर्शित होती है।

4.25 (iii)Page 118

उदाहरण देते हुए संक्रमण धातु के रसायन के निम्नलिखित अभिलक्षण का कारण बताइए –

धातु के ऑक्सोऋणायनों में उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था प्रदर्शित होती है।

4.26 (i)Page 118

निम्नलिखित को बनाने के लिए विभिन्न पदों का उल्लेख कीजिए –

क्रोमाइट अयस्क से K2Cr2O7

4.26 (ii)Page 118

पोटैशियम परमैंगनेट को बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। अम्लीय पोटैशियम परमैंगनेट किस प्रकार SO2 से अभिक्रिया करता है? अभिक्रियाओं के लिए आयनिक समीकरण लिखिए।

4.27 (1)Page 118

मिश्रातुएँ क्या हैं?

4.27 (2)Page 118

लैन्थेनॉयड धातुओं से युक्त एक प्रमुख मिश्रातु का उल्लेख कीजिए।

4.27 (3)Page 118

मिश्र धातु के उपयोग बताइए।

4.28 (i)Page 118

आंतरिक संक्रमण तत्व क्या हैं? 

4.28 (ii)Page 118

बताइए कि निम्नलिखित में कौन से परमाणु क्रमांक आंतरिक संक्रमण तत्वों के हैंं –

29, 59, 74, 95, 102, 104

4.29Page 118

ऐक्टिनॉयड तत्वों का रसायन उतना नियमित नहीं है जितना कि लैन्थेनॉयड तत्वों का रसायन। इन तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं के आधार पर इस कथन का आधार प्रस्तुत कीजिए।

4.30Page 118

ऐक्टिनॉयड श्रेणी का अंतिम तत्व कौन-सा है? इस तत्व का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इस तत्व की संभावित ऑक्सीकरण अवस्थाओं पर टिप्पणी कीजिए।

4.31Page 118

हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।

4.32Page 118

लैन्थेनॉयड श्रेणी के उन सभी तत्वों का उल्लेख कीजिए जो +4 तथा जो +2 ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं। इस प्रकार के व्यवहार तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के बीच संबंध स्थापित कीजिए।

4.33 (i)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

4.33 (ii)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

ऑक्सीकरण अवस्था

4.33 (iii)Page 118

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

रासायनिक अभिक्रियाशीलता

4.34Page 118

61, 91, 101 तथा 109 परमाणु क्रमांक वाले तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।

4.35 (i)Page 119

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास

4.35 (ii)Page 119

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

ऑक्सीकरण अवस्थाएँ

4.35 (iii)Page 119

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

आयनन एन्थैल्पी

4.35 (iv)Page 119

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

परमाण्वीय आकार

4.36 (i)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Ti2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (ii)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

V2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (iii)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Cr3+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (iv)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Mn2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (v)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Fe2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (vi)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Fe3+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (vii)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Co2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (viii)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Ni2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.36 (ix)Page 119

निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Cu2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।

4.37Page 119

प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।

4.38 (i)Page 119

निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्ण के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?

उदाहरण चुंबकीय आघूर्ण (BM)
K4[Mn(CN)6] 2.2
4.38 (ii)Page 119

निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्ण के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?

उदाहरण चुंबकीय आघूर्ण (BM)
[Fe(H2O)6]2+ 5.3
4.38 (iii)Page 119

निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?

उदाहरण चुंबकीय आघूर्ण (BM)
K2[MnCl4] 5.9

Solutions for 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व

पाठ्यनिहित प्रश्नअभ्यास
NCERT solutions for Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 chapter 4 - d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - Shaalaa.com

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Concepts covered in Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12 chapter 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व are संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण, संक्रमण तत्वों के कुछ महत्वपूर्ण यौगिक - धातुओं के आक्साइड एवं ऑक्सो - ॠणायन, लैन्थेनॉयड, d-एवं f-ब्लॉक तत्वों के कुछ अनुप्रयोग, आवर्त सारणी में स्थिति, d एवं f - ब्लॉक के तत्व, d-ब्लॉक तत्वों के इलेक्ट्रोनिक विन्यास, एक्टिनॉयड, संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण, संक्रमण तत्वों के कुछ महत्वपूर्ण यौगिक - धातुओं के आक्साइड एवं ऑक्सो - ॠणायन, लैन्थेनॉयड, d-एवं f-ब्लॉक तत्वों के कुछ अनुप्रयोग, आवर्त सारणी में स्थिति, d एवं f - ब्लॉक के तत्व, d-ब्लॉक तत्वों के इलेक्ट्रोनिक विन्यास, एक्टिनॉयड.

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