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Question
संक्रमण धातुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता असंक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्थाओं में परिवर्तनशीलता से किस प्रकार भिन्न है? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
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Solution
संक्रमण धातुओं में ऑक्सीकरण अवस्था +1 से उच्च अवस्था में एक के क्रमिक परिवर्तन से बदलती है। उदाहरण के लिए, मैंगनीज में यह +2, +3, +4, +5, +6, +7 पाया जाता है। गैर-संक्रमण धातुओं में परिवर्तन चयनात्मक होता है और आम तौर पर 2 के अंतर से बदलता है, उदाहरण के लिए, Sn की ऑक्सीकरण अवस्था +2 और +4 है।
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कॉपर के लिए `E_((M^(2+)//M))^Θ` का मान धनात्मक (+0.34 V) है। इसके संभावित कारण क्या हैं?
(संकेत – इसके उच्च ΔaHΘ और ΔhydHΘ पर ध्यान दें।)
कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?
\[\ce{M^{2+}_{ (aq)}}\] ion (Z = 27) के लिए ‘प्रचक्रण-मात्र' चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।
संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?
3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।
प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की +2 ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की तुलना कीजिए।
आंतरिक संक्रमण तत्व क्या हैं?
हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।
