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प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।

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Question

प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

  1. प्रथम संक्रमण श्रेणी में, निम्न ऑक्सीकरण अवस्थाएं अधिक स्थायी होती हैं, जबकि भारी संक्रमण तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाएं अधिक होती हैं।
  2. 5d संक्रमण श्रृंखला, 3d और 4d संक्रमण श्रृंखला की तुलना में उच्च आयनन एन्थैल्पी प्रदर्शित करती है।
  3. M-M बंधन भारी संक्रमण धातुओं में प्रचलित है, लेकिन पहली श्रृंखला में कम।
  4. प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व 7 या 8 उपसहसंयोजन संख्या वाले संकुल नहीं बनाते हैं।
  5. पहली श्रेणी के तत्व लिगन्ड शक्ति के आधार पर उच्च या निम्न स्पिन संकुल बना सकते हैं, जबकि दूसरी श्रेणी के तत्व लिगन्ड शक्ति की परवाह किए बिना निम्न स्पिन संकुल बनाते हैं।
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संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
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Chapter 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [Page 119]

APPEARS IN

NCERT Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.37 | Page 119

RELATED QUESTIONS

कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?


संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी होती जाती है?


कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।


M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।


निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?

Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।


असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।


हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।


प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

परमाण्वीय आकार


d-ब्लॉक के तत्वों में कौन से तत्व संक्रमण श्रेणी के तत्व नहीं कहे जा सकते?


अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?


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