Advertisements
Advertisements
Question
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।
Advertisements
Solution
संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में क्रिस्टल क्षेत्र स्थिरीकरण ऊर्जा, कोबाल्ट की तृतीय आयनन एन्थैल्पी से अधिक होती है। इस प्रकार Co (II) सरलता से Co (III) में ऑक्सीकृत हो जाता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?
+3 ऑक्सीकरण अवस्था में ऑक्सीकृत होने के संदर्भ में Mn2+ के यौगिक Fe2+ के यौगिकों की तुलना में अधिक स्थायी क्यों हैं?
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
आयोडाइड आयन
निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?
Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
प्रथम संक्रमण श्रेणी में कौन-सी धातु बहुधा तथा क्यों +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती हैं?
आंतरिक संक्रमण तत्व क्या हैं?
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
ऑक्सीकरण अवस्थाएँ
d-ब्लॉक के तत्वों में कौन से तत्व संक्रमण श्रेणी के तत्व नहीं कहे जा सकते?
