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प्रश्न
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।
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उत्तर
संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में क्रिस्टल क्षेत्र स्थिरीकरण ऊर्जा, कोबाल्ट की तृतीय आयनन एन्थैल्पी से अधिक होती है। इस प्रकार Co (II) सरलता से Co (III) में ऑक्सीकृत हो जाता है।
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