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प्रश्न
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
परमाण्वीय आकार
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उत्तर
सामान्यतया किसी श्रेणी में समान आवेश के आयन अथवा परमाणु, परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ त्रिज्याओं में क्रमिक कमी प्रदर्शित करते हैं, यद्यपि यह कमी अत्यंत कम होती है। परंतु 4d श्रेणी के परमाणुओं के आकार, 3d श्रेणी के संबंधित तत्वों की तुलना में अधिक होते हैं, जबकि 5d श्रेणी के संबंधित तत्वों के आकार के लगभग समान होते हैं। इसका कारण लैन्थेनॉयड आकुंचन है।
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संबंधित प्रश्न
संक्रमण धातुओं के अभिलक्षण क्या हैं? ये संक्रमण धातु क्यों कहलाती हैं?
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ सामान्यतः रंगीन यौगिक बनाती हैं।
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।
प्रथम संक्रमण श्रेणी की धातुओं की +2 ऑक्सीकरण अवस्थाओं के स्थायित्व की तुलना कीजिए।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –
Cu2+
आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।
निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
| उदाहरण | चुंबकीय आघूर्ण (BM) |
| K2[MnCl4] | 5.9 |
d-ब्लॉक के तत्वों में कौन से तत्व संक्रमण श्रेणी के तत्व नहीं कहे जा सकते?
