मराठी

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए – परमाण्वीय आकार - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

परमाण्वीय आकार

फरक स्पष्ट करा
Advertisements

उत्तर

सामान्यतया किसी श्रेणी में समान आवेश के आयन अथवा परमाणु, परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ त्रिज्याओं में क्रमिक कमी प्रदर्शित करते हैं, यद्यपि यह कमी अत्यंत कम होती है। परंतु 4d श्रेणी के परमाणुओं के आकार, 3d श्रेणी के संबंधित तत्वों की तुलना में अधिक होते हैं, जबकि 5d श्रेणी के संबंधित तत्वों के आकार के लगभग समान होते हैं। इसका कारण लैन्थेनॉयड आकुंचन है।

shaalaa.com
संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [पृष्ठ ११९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.35 (iv) | पृष्ठ ११९

संबंधित प्रश्‍न

संक्रमण तत्वों की 3d श्रेणी का कौन-सा तत्व बड़ी संख्या में ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाता है एवं क्यों?


कोई धातु अपनी उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था केवल ऑक्साइड अथवा फ्लुओराइड में ही क्यों प्रदर्शित करती है?


संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी होती जाती है?


कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।


अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?


पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –

H2S


M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।


निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए –

Mn3+, Cr3+, V3+ तथा Ti3+। इनमें से कौन-सा जलीय विलयन में अतिस्थायी है?


हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।


प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×