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प्रश्न
Cr2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?
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उत्तर
Fe2+ की तुलना में Cr2+ एक प्रबल अपचायक पदार्थ है। Cr2+ से Cr3+ बनने में d4 → d3 परिवर्तन होता है, किंतु Fe2+ से Fe3+ बनने में d6 → d5 परिवर्तन होता है। जल जैसे माध्यम में d5 की तुलना में d3 अधिक स्थायी है।
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संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?
3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।
अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
आयरन (II) विलयन
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H2S
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।
अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?
