Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –
Cu2+
आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।
Advertisements
उत्तर १
| धातु आयन | d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या | d-कक्षकों का भरना |
| Cu2+ | 9 | \[\ce{t^6_{2g}e^3_g}\] |
उत्तर २
Cu2+: 3d9
अष्टफलकीय जलयोजित आयन में कक्षकों का भरना:
Cu2+: \[\ce{t^6_{2g}e^3_g}\]
| ↑↓ | ↑ | eg | |
| ↑↓ | ↑↓ | ↑↓ | t2g |
(1 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन)
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संक्रमण तत्वों की प्रथम श्रेणी में आयनन एन्थैल्पी (प्रथम और द्वितीय) में अनियमित परिवर्तन को आप कैसे समझाएँगे?
Cr2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस सीमा तक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को निर्धारित करते हैं? उत्तर को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?
प्रथम संक्रमण श्रेणी में कौन-सी धातु बहुधा तथा क्यों +1 ऑक्सीकरण अवस्था दर्शाती हैं?
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
आयनन एन्थैल्पी
निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
| उदाहरण | चुंबकीय आघूर्ण (BM) |
| K2[MnCl4] | 5.9 |
अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?
