Advertisements
Advertisements
प्रश्न
निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
| उदाहरण | चुंबकीय आघूर्ण (BM) |
| K2[MnCl4] | 5.9 |
Advertisements
उत्तर
चुंबकीय आघूर्ण (μ) = `sqrt("n"("n" + 2))` BM
जब n = 1, μ = `sqrt(1(1 + 2))` = 1.73 BM ≈ 2
जब n = 2, μ = `sqrt(2(2 + 2)` = 2.83 BM ≈ 3
जब n = 3, μ = `sqrt(3(3 + 2))` = 3.87 BM ≈ 4
जब n = 4, μ = `sqrt(4(4 + 2))` = 4.90 BM ≈ 5
जब n = 5, μ = `sqrt(5(5 + 2))` = 5.92 BM ≈ 6
K2[MnCl4]: μ = 5.9 BM, Mn2+ आयन में 5 अयुग्मित इलेक्ट्रॉन हैं। इसका कक्षीय आरेख है:
| 3d | ||||
| ↑↓ | ↑ | ↑ | ↑ | ↑ |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
Cr2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?
संक्षेप में स्पष्ट कीजिए कि प्रथम संक्रमण श्रेणी के प्रथम अर्धभाग में बढ़ते हुए परमाणु क्रमांक के साथ +2 ऑक्सीकरण अवस्था कैसे अधिक स्थायी होती जाती है?
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुओं की कणन एन्थैल्पी के मान उच्च होते हैं।
अंतराकाशी यौगिक क्या हैं?
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
H2S
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।
निम्नलिखित में कौन-से आयन जलीय विलयन में रंगीन होंगे?
Ti3+, V3+, Cu+, Sc3+, Mn2+, Fe3+ तथा Co2+। प्रत्येक के लिए कारण बताइए।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।
निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए –
Mn3+, Cr3+, V3+ तथा Ti3+। इनमें से कौन-सा जलीय विलयन में अतिस्थायी है?
