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पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए – आयरन (II) विलयन

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प्रश्न

पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –

आयरन (II) विलयन

रासायनिक समीकरणे/रचना
लघु उत्तर
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उत्तर

पोटैशियम डाइक्रोमेट प्रबल ऑक्सीकारक के रूप में कार्य करता है। इसका उपयोग आयतनमितीय विश्लेषण में प्राथमिक मानक के रूप में किया जाता है। अम्लीय माध्यम में डाइक्रोमेट आयन की ऑक्सीकरण क्रिया निम्नलिखित प्रकार से प्रदर्शित की जा सकती है –

\[\ce{Cr2O^{2-}_7 + 14H^+ + 6e^- -> 2Cr^{3+} + 7H2O}\] (E = 1.33 V)

जब फेरस लवण (Fe2+) को अम्लीय K2Cr2O7 के साथ अभिक्रिया कराया जाता है, तो वे फेरिक (Fe3+) लवण में ऑक्सीकृत हो जाते हैं।

\[\ce{Cr2O^{2-}_7 + 14H^+ + 6Fe^{2+} -> 2Cr^{3+} + 7H2O + 6Fe^{3+}}\]

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संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.15 (ii) | पृष्ठ ११७

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कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

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कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

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Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

समान प्रक्रिया के लिए क्रोमियम अथवा मैंगनीज धातुओं की तुलना में आयरन के ऑक्सीकरण में सुगमता।


निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?

उदाहरण चुंबकीय आघूर्ण (BM)
K2[MnCl4] 5.9

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