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आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे – d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।

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प्रश्न

आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।

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उत्तर

दोनों Cr2+और Mn3+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास d4 होता है, लेकिन उनके विपरीत व्यवहार उनके परिणामी ऑक्सीकरण अवस्थाओं की स्थिरता से उत्पन्न होता है। Cr2+ एक मजबूत अपचायक (reducing) है क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन खोकर Cr3+ (d3 विन्यास) में परिवर्तित होने की प्रवृत्ति रखता है। d3 विन्यास में अष्टफलकीय क्षेत्र में आधा भरा हुआ t2g उपकोश होता है, जो सममित इलेक्ट्रॉन वितरण और कम ऊर्जा के कारण विशेष रूप से स्थिर होता है। दूसरी ओर, Mn3+ एक मजबूत ऑक्सीकारक (oxidizing) है क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर Mn2+ (d5 विन्यास) में परिवर्तित होने की प्रवृत्ति रखता है। d5 विन्यास एक आधा भरे हुए d-उपकोश के अनुरूप होता है, जो विनिमय ऊर्जा और सममिति के कारण अत्यधिक स्थिर होता है। इस प्रकार, Cr2+अधिक स्थिरता प्राप्त करने के लिए ऑक्सीकरण करता है, जबकि Mn3+ भी उसी कारण से अपचयन करता है।

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संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [पृष्ठ ११८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.21 (i) | पृष्ठ ११८

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