Advertisements
Advertisements
Question
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।
Advertisements
Solution
दोनों Cr2+और Mn3+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास d4 होता है, लेकिन उनके विपरीत व्यवहार उनके परिणामी ऑक्सीकरण अवस्थाओं की स्थिरता से उत्पन्न होता है। Cr2+ एक मजबूत अपचायक (reducing) है क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन खोकर Cr3+ (d3 विन्यास) में परिवर्तित होने की प्रवृत्ति रखता है। d3 विन्यास में अष्टफलकीय क्षेत्र में आधा भरा हुआ t2g उपकोश होता है, जो सममित इलेक्ट्रॉन वितरण और कम ऊर्जा के कारण विशेष रूप से स्थिर होता है। दूसरी ओर, Mn3+ एक मजबूत ऑक्सीकारक (oxidizing) है क्योंकि यह एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर Mn2+ (d5 विन्यास) में परिवर्तित होने की प्रवृत्ति रखता है। d5 विन्यास एक आधा भरे हुए d-उपकोश के अनुरूप होता है, जो विनिमय ऊर्जा और सममिति के कारण अत्यधिक स्थिर होता है। इस प्रकार, Cr2+अधिक स्थिरता प्राप्त करने के लिए ऑक्सीकरण करता है, जबकि Mn3+ भी उसी कारण से अपचयन करता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
स्पष्ट कीजिए कि Cu+ आयन जलीय विलयन में स्थायी नहीं है, क्यों? समझाइए।
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस सीमा तक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को निर्धारित करते हैं? उत्तर को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
पोटैशियम डाइक्रोमेट की ऑक्सीकरण क्रिया का उल्लेख कीजिए तथा निम्नलिखित के साथ आयनिक समीकरण लिखिए –
आयरन (II) विलयन
M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।
| Cr2+/Cr | −0.9 V |
| Mn2+/Mn | −1.2 V |
| Fe2+/Fe | −0.4 V |
| Cr3/Cr2+ | −0.4 V |
| Mn3+/Mn2+ | +1.5 V |
| Fe3+/Fe2+ | +0.8 V |
उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –
अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।
मिश्रातुएँ क्या हैं?
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
परमाण्वीय आकार
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्व भारी संक्रमण तत्वों के अनेक गुणों से भिन्नता प्रदर्शित करते हैं। टिप्पणी कीजिए।
अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?
