English

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए। रासायनिक अभिक्रियाशीलता - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Questions

निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

रासायनिक अभिक्रियाशीलता

निम्नलिखित के संदर्भ में ऐक्टिनॉयड श्रेणी के तत्वों तथा लैन्थेनॉयड श्रेणी के तत्वों के रसायन की तुलना कीजिए।

रासायनिक अभिक्रियाशीलता

Distinguish Between
Advertisements

Solution 1

लैन्थेनॉयड (Lanthanides) सामान्य रूप से श्रेणी के आरंभ वाले सदस्य अपने रासायनिक व्यवहार में कैल्सियम की तरह बहुत क्रियाशील होते हैं, परंतु बढ़ते परमाणु क्रमांक के साथ ये ऐलुमिनियम की तरह व्यवहार करते हैं।

अर्ध-अभिक्रिया \[\ce{Ln^{3+}_{ (aq)} + 3e^- -> Ln_{(s)}}\] के लिए EΘ का मान −2.2 V से −2.4 V के परास में है। Eu के लिए EΘ का मान −2.0 V है। निस्सन्देह मान में थोड़ासा परिवर्तन है। हाइड्रोजन गैस के वातावरण में मंद गति से गर्म करने पर ये धातुएँ हाइड्रोजन से संयोग कर लेती हैं। इन धातुओं को कार्बन के साथ गर्म करने पर कार्बाइड Ln3C, Ln2C3 तथा LnC2 बनते हैं। ये तनु अम्लों से हाइड्रोजन गैस मुक्त करती हैं तथा हैलोजेन के वातावरण में जलने पर हैलाइड बनाती हैं। ये ऑक्साइड M2O3 तथा हाइड्रॉक्साइड M(OH)3 बनाती हैं। हाइड्रॉक्साइड निश्चित यौगिक हैं न कि केवल हाइड्रेटेड (जलयोजित) ऑक्साइड। ये क्षारीय मृदा धातुओं के ऑक्साइड तथा हाइड्रॉक्साइड की भाँति क्षारकीय होते हैं। इनकी सामान्य अभिक्रियाएँ चित्र में प्रदर्शित की गई हैं।

ऐक्टिनॉयड अत्यधिक अभिक्रियाशील धातुएँ हैं, विशेषकर जब वे सूक्ष्मविभाजित हों। इन पर उबलते हुए जल की क्रिया से ऑक्साइड तथा हाइड्राइड का मिश्रण प्राप्त होता है और अधिकांश अधातुओं से संयोजन सामान्य ताप पर होता है। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल सभी धातुओं को प्रभावित करता है, परंतु अधिकतर धातुएँ नाइट्रिक अम्ल द्वारा अल्प प्रभावित होती हैं, इसका कारण यह है कि इन धातुओं पर ऑक्साइड की संरक्षी सतह बन जाती है। क्षारों का इन धातुओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

shaalaa.com

Solution 2

ऐक्टिनॉयड लैन्थेनॉयड की तुलना में कहीं अधिक प्रतिक्रियाशील होते हैं। वे मध्यम तापमान पर अधातु के साथ परस्पर क्रिया करते हैं। इसके विपरीत, लैन्थेनॉयड उच्च तापमान पर प्रतिक्रिया करते हैं। अधिकांश ऐक्टिनॉयड पर HNO3 का हमला होता है, जिसका HCl पर थोड़ा प्रभाव पड़ता है, हालाँकि ऑक्साइड की एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण होता है। क्षार कोई प्रतिक्रिया नहीं करते हैं। लैन्थेनॉयड तनु से हाइड्रोजन निकालते हैं। अम्ल और हैलोजन एक साथ जलकर हैलाइड बनाते हैं।

shaalaa.com
लैन्थेनॉयड
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [Page 118]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.33 (iii) | Page 118
NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.20 (iv) | Page 118

RELATED QUESTIONS

लैन्थेनॉयड आकुंचन क्या है?


लैन्थेनॉयडों द्वारा कौन-कौन सी ऑक्सीकरण अवस्थाएँ प्रदर्शित की जाती हैं?


निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास


निम्नलिखित के संदर्भ में लैन्थेनॉयड एवं ऐक्टिनॉयड के रसायन की तुलना कीजिए।

परमाण्वीय एवं आयनिक आकार


ऐक्टिनॉयड तत्वों का रसायन उतना नियमित नहीं है जितना कि लैन्थेनॉयड तत्वों का रसायन। इन तत्वों की ऑक्सीकरण अवस्थाओं के आधार पर इस कथन का आधार प्रस्तुत कीजिए।


लैन्थेनॉयड श्रेणी के उन सभी तत्वों का उल्लेख कीजिए जो +4 तथा जो +2 ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाते हैं। इस प्रकार के व्यवहार तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के बीच संबंध स्थापित कीजिए।


61, 91, 101 तथा 109 परमाणु क्रमांक वाले तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए।


लैन्थेनॉयड धातुओं से युक्त एक प्रमुख मिश्रातु का उल्लेख कीजिए।


मिश्र धातु के उपयोग बताइए।


लैन्थेनॉयड आकुंचन के परिणाम क्या हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×