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संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी? 3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4

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Question

संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?

3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4

Short Answer
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Solution

3d3: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d3 4s2 (+2, +3, +4, +5) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्था +5 होगी।

3d5: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d5 4s2 (+2, +3, +4, +6, +7) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्थाएँ +2 और +7 होंगी।

3d8बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d8 4s2 (+2, +3, +4) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्था +2 होगी।

3d4: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d4 4s2 के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्थाएँ +3 और +6 होंगी।

मूल अवस्था में कोई d4 विन्यास नहीं होता, क्योंकि यह 3d5 4s1 हो जाता है।

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संक्रमण तत्वों (d-ब्लॉक) के सामान्य गुण
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Chapter 4: d- एवं f- ब्लॉक के तत्व - अभ्यास [Page 117]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 4 d- एवं f- ब्लॉक के तत्व
अभ्यास | Q 4.5 | Page 117

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संक्रमण धातुओं के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस प्रकार असंक्रमण तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से भिन्न हैं?


कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।

संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।


M2+/M तथा M3+/M2+ निकाय के संदर्भ में कुछ धातुओं के EΘ के मान नीचे दिए गए हैं।

Cr2+/Cr −0.9 V
Mn2+/Mn −1.2 V
Fe2+/Fe −0.4 V
Cr3/Cr2+ −0.4 V
Mn3+/Mn2+ +1.5 V
Fe3+/Fe2+ +0.8 V

उपरोक्त आँकड़ों के आधार पर निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए –

अम्लीय माध्यम में Cr3+ या Mn3+ की तुलना में Fe3+ का स्थायित्व।


आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –

आयनों का d1 विन्यास अत्यंत अस्थायी है।


हुंड-नियम के आधार पर Ce3+ आयन के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास को व्युत्पन्न कीजिए तथा ‘प्रचक्रण मात्र सूत्र’ के आधार पर इसके चुंबकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।


प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

इलेक्ट्रॉनिक विन्यास


प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –

परमाण्वीय आकार


निम्नलिखित आयन के लिए 3d इलेक्ट्रॉनों की संख्या लिखिए –

Cu2+

आप इस जलयोजित आयन (अष्टफलकीय) में पाँच 3d कक्षकों को किस प्रकार अधिग्रहीत करेंगे? दर्शाइए।


निम्नलिखित संकुल स्पीशीज़ के चुंबकीय आघूर्णो के मान से आप क्या निष्कर्ष निकालेंगे?

उदाहरण चुंबकीय आघूर्ण (BM)
K2[MnCl4] 5.9

अंतराकाशी यौगिक संक्रमण धातुओं के लिए भली प्रकार से ज्ञात क्यों हैं?


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