Advertisements
Advertisements
प्रश्न
संक्रमण तत्वों की मूल अवस्था में नीचे दिए गए d इलेक्ट्रॉनिक विन्यासों में कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था स्थायी होगी?
3d3, 3d5, 3d8 तथा 3d4
Advertisements
उत्तर
3d3: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d3 4s2 (+2, +3, +4, +5) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्था +5 होगी।
3d5: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d5 4s2 (+2, +3, +4, +6, +7) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्थाएँ +2 और +7 होंगी।
3d8: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d8 4s2 (+2, +3, +4) के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्था +2 होगी।
3d4: बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d4 4s2 के कारण स्थिर ऑक्सीकरण अवस्थाएँ +3 और +6 होंगी।
मूल अवस्था में कोई d4 विन्यास नहीं होता, क्योंकि यह 3d5 4s1 हो जाता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
श्रेणी, Sc (Z = 21) से Zn (Z = 30) में, ज़िंक की कणन एन्थैल्पी का मान सबसे कम होता है, अर्थात् 126 kJ mol−1; क्यों?
Cr2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?
प्रथम संक्रमण श्रेणी के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास किस सीमा तक ऑक्सीकरण अवस्थाओं को निर्धारित करते हैं? उत्तर को उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
कारण देते हुए स्पष्ट कीजिए।
संक्रमण धातुएँ तथा इनके अनेक यौगिक उत्तम उत्प्रेरक का कार्य करते हैं।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
d4 स्पीशीज़ में से Cr2+ प्रबल अपचायक है, जबकि मैंगनीज (III) प्रबल ऑक्सीकारक है।
आप निम्नलिखित को किस प्रकार से स्पष्ट करेंगे –
जलीय विलयन में कोबाल्ट (II) स्थायी है परंतु संकुलनकारी अभिकर्मकों की उपस्थिति में यह सरलतापूर्वक ऑक्सीकृत हो जाता है।
असमानुपातन से आप क्या समझते हैं? जलीय विलयन में असमानुपातन अभिक्रियाओं के दो उदाहरण दीजिए।
निम्नलिखित गैसीय आयनों में अयुगलित इलेक्ट्रॉनों की गणना कीजिए –
Mn3+, Cr3+, V3+ तथा Ti3+। इनमें से कौन-सा जलीय विलयन में अतिस्थायी है?
मिश्रातुएँ क्या हैं?
प्रथम श्रेणी के संक्रमण तत्वों के अभिलक्षणों की द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के वर्गों के संगत तत्वों से क्षैतिज वर्गों में तुलना कीजिए। निम्नलिखित बिंदु पर विशेष महत्त्व दीजिए –
इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
