SSC (Hindi Medium)
Academic Year: 2022-2023
Date & Time: 18th July 2023, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचनाएँ:
- सूचना के अनुसार गद्य, पद्य, पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन/पेन्सिल का ही प्रयोग करें।
- रचना विभाग (उपयोजित लेखन) में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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कोलकाता से अधिक स्मरणीय और किंचित उदास स्मृति शांतिनिकेतन की है, जहाँ पहली बार जाने का मौका मिला। रवींद्रनाथ का घर... या बहुत से घर, जहाँ वह समय-समय पर रहते थे, देखते हुए लगता रहा, जैसे उनकी आत्मा अभी तक वहाँ कहीं आस-पास भटक रही हो। मैंने बहुत से दिवंगत लेखकों के गृह स्थान यूरोप में देखे थे, लेकिन शांतिनिकेतन का अनुभव कुछ अनूठा था... जैसे किसी की अनुपस्थिति वहाँ हर पेड़, घड़ी, पत्थर पर बिछी हो। मैंने वे सब पेड़ हाथों से छुए जिन्हें गुरुदेव रवि बाबू ने खुद रोपा था और जिनके नामों का उल्लेख कितनी बार उनके गीतों में सुना था। एक दिन हम शांतिनिकेतन से कुछ दूर उस ग्राम्य प्रदेश को देखने भी गए, जहाँ पावा नदी बहती है... संथालों की रम्य झोंपड़ियाँ, शाल के खेत और पेड़ों से घिरे पोखर-सबको देखकर अनायास शरत बाबू के बहुत पुराने उपन्यासों का परिवेश याद हो आया, जिन्हें कभी बचपन में पढ़ा था। पश्चिमी बंगाल का प्राकृतिक सौंदर्य भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत अलग है। कहते हैं, मानसून के दिनों में वह और भी अधिक रमणीय हो जाता है। इच्छा होती है, वहाँ एक-दो महीने एक साथ रहा जाए, तभी मन की भूख मिट सकती है। |
- आकलन:
संजाल पूर्ण कीजिए: [2]
- आकलन:
गलत विधानों को सही करके लिखिए: [2]- पश्चिमी बंगाल का प्राकृतिक सौंदर्य भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत अलग नहीं है।
- कोलकाता से अधिक स्मरणीय और किंचित उदास स्मृति यूरोप की है।
- स्वमत-अभिव्यक्ति: [3]
स्वयं का स्मरणीय अनुभव 30 से 40 शब्दों में लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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शामनाथ की पार्टी सफलता के शिखर चूमने लगी। कहीं कोई रुकावट न थी, कोई अड़चन न थी। मेम साहब को परदे पसंद आए थे, सोफा कवर का डिजाइन पसंद आया था, कमरे की सजावट पसंद आई थी। इससे बढ़कर क्या चाहिए। साहब तो चुटकुले और कहानियाँ कहने लग गए थे। दफ्तर में जितना रोब रखते थे, यहाँ पर उतने ही दोस्तपरवर हो रहे थे और उनकी स्त्री, काला गाउन पहने, गले में सफेद मोतियों का हार, सेंट और पावडर की महक से ओत-प्रोत, कमरे में बैठी सभी देशी स्त्रियों की आराधना का केंद्र बनी हुई थीं। बात-बात पर हँसतीं, बात-बात पर सिर हिलातीं और शामनाथ की स्त्री से तो ऐसे बातें कर रही थीं, जैसे उनकी पुरानी सहेली हो। इसी रौ में साढ़े दस बज गए। वक्त कब गुजर गया पता ही न चला। बरामदे में पहुँचते ही शामनाथ सहसा ठिठक गए। जो दृश्य उन्होंने देखा, उससे उनकी टाँगें लड़खड़ा गईं, बरामदे में ऐन कोठरी के बाहर माँ अपनी कुर्सी पर ज्यों-की-त्यों बैठी थीं। मगर दोनों पाँव कुर्सी की सीट पर रखे हुए और सिर दाएँ से बाएँ और बाएँ से दाएँ झूल रहा था। |
- एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: [2]
- सफलता का शिखर चूमने वाली − -------------
- सभी देशी स्त्रियों की आराधना का केंद्र बनने वाली − -------------
- चुटकुले और कहानियाँ कहने वाले − -------------
- शामनाथ के पीछे-पीछे चलने वाले − -------------
- कारण लिखिए: [2]
- शामनाथ बरामदे में आते ही ठिठक गए -------------
- सब लोग बैठक से उठकर बाहर निकले -------------
- ‘बड़े-बुजुर्ग दया नहीं, सम्मान के पात्र होते हैं’ इस विषय पर 30 से 40 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [3]
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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राष्ट्रभाषा से अभिप्राय है - राष्ट्र की भाषा। यह देश के सभी प्रांतों के बीच होने वाले व्यापार और सार्वजनिक व्यवहार में सभी देशवासियों द्वारा व्यवहार में लाई जाती है। उत्तर में बद्रीनाथ-केदारनाथ से दक्षिण में रामेश्वरम् तक तथा अमृतसर से कटक तक सभी जगहों पर संपर्क भाषा के रूप में इसका प्रयोग होता है। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है। हम सभी हिंदी भाषा बोलने वालों का यह कर्तव्य है कि हिंदी भाषा में राष्ट्रभाषा होने की अधिक-से-अधिक योग्यता पैदा करें। आज के युग में जहाँ विज्ञान की खोजों से स्थान और समय की दूरी समाप्त होती जा रही है। कोई भी भाषा दूसरी भाषा के संपर्क से स्वयं को अछूता नहीं रख सकती। हिंदी ने उर्दू, फ़ारसी, अरबी, अंग्रेजी सभी को अपनाया है। इसमें किसी दूसरी भाषा के बहिष्कार की प्रवृत्ति नहीं है। |
- लिखिए: [2]
हिंदी भाषा की दो विशेषताएँ:- ------------------
- ------------------
- कृति पूर्ण कीजिए: [2]
गद्यांश में उल्लिखित भाषाएँ - (i) ------------------ (ii) ------------------ (iii) ------------------ (iv) ------------------ - ‘भाषा बिन होते मूक सारे व्यवहार’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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कहाँ लौं कहिए व्रज की वात। सुनह स्याम तुम विन उन लोगनि, जैसे दिवस विहात।। गोपी, ग्वाल, गाइ गोसुत सब, मलिन वदन कृस गात। परम दीन जनु सिसिर हेम हत, अंबुजगन विनु पात।। जो कोउ आवत देखि दूरि तें उहि पूछत कुसलात। चलन न देत प्रेम आतुर उर कर चरननि लपटात।। पिक चातक वन वसत न पावत वायस वलि नहिं खात। सूर स्याम संदेसन के डर पथिक न उहिं मग जात।। |
- आकलन:
कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- शब्द संपदा:
- निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश से समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- बछड़ा = -----------
- रहगीर = -----------
- निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए: [1]
- गोपी − -----------
- ग्वाला − -----------
- निम्नलिखित शब्दों के लिए पद्यांश से समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- सरल अर्थ/भावार्थ:
प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य ‘उड़ चल, हारिल’ का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंद की पंक्तियाँ - [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने का कारण - [1]
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा - [2]
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
चिंता
मुद्दे:
- रचनाकार का नाम [1]
- रचना की विधा [1]
- पसंद की पंक्तियाँ [1]
- पंक्तियाँ पसंद होने का कारण [1]
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| स्वयं सहे अन्याय के प्रतिकार की एक ही संभावना देख उसका मन कुछ हलका हो गया था। वह लौटने के लिए उठा। शरीर में शैथिल्य की मात्रा बाकी रहने के कारण साइकिल पर न चढ़ वह पैदल भाटी दरवाजे पहुँचा। मार्ग में शायद ही कोई व्यक्ति दिखाई दिया हो। सड़क किनारे स्तब्ध खड़े बिजली के लैंप निष्काम और निर्विकार भाव से अपना प्रकाश सड़क पर डाल रहे थे। सौर जगत के ये अद्भुत नमूने थे। प्रत्येक पतंगा एक ग्रह की भाँति अपने मार्ग पर चक्कर काट रहा था। कोई छोटा, कोई बड़ा दायरा बना रहा था। कोई दायें को, कोई बायें को, कोई आगे को, कोई विपरीत गति में, निरंतर चक्कर काटते चले जा रहे थे। कोई किसी से टकराता नहीं। वृक्षों के भीगे पत्ते बिजली के प्रकाश में चमचमा रहे थे। |
- आकलन:
कृति पूर्ण कीजिए: [2]
- स्वमत-अभिव्यक्ति: [2]
‘जीव-जंतुओं की रक्षा हमारा कर्तव्य’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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जहाँ पर भाइयों में प्यार का सागर नहीं होता, जो अपने देश पर कटने का जज़्बा ही न रखता हो, जो समझौते की बातें हैं, खुले दिल से ही होती हैं, हकीकत और होती है, नज़र कुछ और आता है, जो एक सीमा में रहकर रोशनी देता है 'बेदिल' को, |
- आकलन:
लिखिए:
पद्यांश में उल्लिखित देशभक्ति की भावना व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ: [2]- --------------
- --------------
- स्वमत-अभिव्यक्ति:
‘आपसी प्यार, परिवार का आधार’ विषय पर 25 से 30 शब्दों मेंअपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का उचित वाक्य प्रयोग कीजिए:
के बराबर
Chapter:
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निम्नलिखित अव्यय का उचित वाक्य प्रयोग कीजिए:
इसलिए
Chapter:
कृति पूर्ण कीजिए:
| संधि शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
| ......... | दु: + साहस | ......... |
Chapter:
निम्नलिखित सामासिक शब्द का विग्रह करके समास का प्रकार लिखिए:
| सामासिक शब्द | समास विग्रह | प्रकार |
| भरपेट | ---------- | ---------- |
Chapter:
निम्नलिखित अलंकार पहचानकर उसका प्रकार और उप-प्रकार लिखिए:
| वाक्य | प्रकार | उप-प्रकार |
| जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोई। बारे उजियारो करे, बढ़े अँधेरो होई। |
-------- | -------- |
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
संकट से दो-दो हाथ करना -
Chapter:
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
दंग रह जाना -
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में यथास्थान उचित विरामचिह्ननों का प्रयोग कीजिए:
दिलीप ने पूछा तुम्हारे पिता जी क्या करते हैं?
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य पहचानकर उसका भेद लिखिए:
लड़के ने जवाब दिया।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए:
मैं पिताजी को कहूँगा की आप आराम कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश में मात्राओं की गणना करके छंद के नाम लिखिए:
| भोजन करत बुलावत राजा। नहिं आवत तजि बाल समाजा। कौसल्या जब बोलन जाई। ठुमकु-ठुमकु प्रभु चलहि पराई।। |
- प्रथम चरण = ______ मात्राएँ
- द्वितीय चरण = ______ मात्राएँ
- तृतीय चरण = ______ मात्राएँ
- चतुर्थ चरण = ______ मात्राएँ
- छंद : ______
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषाभ्यास)
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
एक साथ वापस घर लौटेंगे। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल-परिवर्तन कीजिए:
मैं एक चीज पर लिखना शुरू करती हूँ। (सामान्य भूतकाल)
Chapter:
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निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानिए:
अग्निमित्र संदेश लाया है कि लोग इस संबंध के लिए प्रस्तुत नहीं हैं।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
तुम्हारी बात मुझे अच्छी नहीं लगी। (विधानार्धक वाक्य)
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी पर आधारित पत्र-लेखन कीजिए:
| रमा/रमेश नखाते, शांतिभवन, सहकार मार्ग, पुणे से अपने बड़े भाई रोहन नखाते, ममता नगर, नागपुर को वृक्षारोपण एवं वृक्षों का महत्त्व समझाते हुए पत्र लिखती/लिखता है। |
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी पर आधारित पत्र-लेखन कीजिए:
| मा. व्यवस्थापक, मणिकर्णिका औषधि भंडार, चिंचवड, पुणे को दामोदर/दामिणी पंत, मकान नं. 41/A, विजय मार्ग, निजामपुर, नंदुरबार से आयुर्वेदिक औषधियों की माँग करते हुए पत्र लिखता/ लिखती है। |
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
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लोकतंत्र को ही जनतंत्र की संज्ञा दी गई है, जिसका अर्थ - जनता द्वारा चुने गए, प्रतिनिधियों का जनहित में शासन करना। लोकतंत्र और चुनाव का संबंध चोली-दामन जैसा है। लोकतांत्रिक शासन-प्रणाली को चलाने के लिए जनता को स्वच्छ और सही तरीके से जनहित में कार्य करने वाले सुयोग्य प्रशासकों का चुनाव अपने मतदान के आधार पर करना पड़ता है। लोकतंत्र में चुनाव ही शक्ति है, जिसके द्वारा आम जनता अपने हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन में एक तरह से हस्तक्षेप कर सकती है, अवांछित और अयोग्य प्रशासकों को बदल सकती है और निष्क्रिय प्रशासन को उचित दिशा में सक्रिय कर सकती है। यही कारण है कि लोकतंत्र को शासन-व्यवस्था का प्राण-तत्त्व कहा गया है। लोकतंत्र में चुनाव सत्ता-परिवर्तन का साधन और उसकी प्राप्ति का माध्यम भी है। चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया है, जो सत्तारूढ़ और विरोधी दोनों दलों के लिए विशेष प्रकार का आकर्षण केंद्र हुआ करती है। सत्ताधारियों के लिए इसलिए, कि वह आम जन की कठिनाइयों को दूर करे; उनकी समस्याओं को इस प्रकार सुलझाए कि सबों के हितों की रक्षा हो सके; आम जन के मन में निश्चिंतता और लोकतंत्र के प्रति आस्था का भाव उभर सके। |
Chapter:
स्वामी विवेकानंद विद्यालय, धुलिया में मनाए गए ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत-लेखन कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना आवश्यक है।)
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर लगभग 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख भी लिखिए:
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नदी के किनारे पेड़ − कौए का घोंसला − कोटर में एक सर्प − साँप का कौए के बच्चों को खाना − लाचारी − नदी पर स्नान के लिए राजकुमारी का आना − सोने का हार किनारे पर रखना − कौए का हार उठाकर साँप के बिल में रख देना − सेवकों का हार ढूँढ़ना − साँप को लाठी से मार-भगाना − कौए का खुशहोना। |
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:

Chapter:
निबंध लेखन -
एक बाढ़ पीड़ित की आत्मकथा
Chapter: [4] उपयोगित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
सागर तट पर एक शाम
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
जन आबादी : एक समस्या।
Chapter:
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