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कोलकाता से अधिक स्मरणीय और उदास स्मृति शांतिनिकेतन की है, जहाँ पहली बार जाने का मौका मिला। रवींद्रनाथ का घर...या बहुत से घर, जहाँ वह समय-समय पर रहते थे, देखते हुए लगता रहा, - Hindi [हिंदी]

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Question

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

कोलकाता से अधिक स्मरणीय और किंचित उदास स्मृति शांतिनिकेतन की है, जहाँ पहली बार जाने का मौका मिला। रवींद्रनाथ का घर... या बहुत से घर, जहाँ वह समय-समय पर रहते थे, देखते हुए लगता रहा, जैसे उनकी आत्मा अभी तक वहाँ कहीं आस-पास भटक रही हो। मैंने बहुत से दिवंगत लेखकों के गृह स्थान यूरोप में देखे थे, लेकिन शांतिनिकेतन का अनुभव कुछ अनूठा था... जैसे किसी की अनुपस्थिति वहाँ हर पेड़, घड़ी, पत्थर पर बिछी हो। मैंने वे सब पेड़ हाथों से छुए जिन्हें गुरुदेव रवि बाबू ने खुद रोपा था और जिनके नामों का उल्लेख कितनी बार उनके गीतों में सुना था। एक दिन हम शांतिनिकेतन से कुछ दूर उस ग्राम्य प्रदेश को देखने भी गए, जहाँ पावा नदी बहती है... संथालों की रम्य झोंपड़ियाँ, शाल के खेत और पेड़ों से घिरे पोखर-सबको देखकर अनायास शरत बाबू के बहुत पुराने उपन्यासों का परिवेश याद हो आया, जिन्हें कभी बचपन में पढ़ा था। पश्चिमी बंगाल का प्राकृतिक सौंदर्य भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत अलग है। कहते हैं, मानसून के दिनों में वह और भी अधिक रमणीय हो जाता है। इच्छा होती है, वहाँ एक-दो महीने एक साथ रहा जाए, तभी मन की भूख मिट सकती है।
वैसे इन दिनों दिल्‍ली पर भी वसंत की अंतिम गुहार गूँजती सुनाई देती है... दिन भर एक अजीब-सी पगला देने वाली बयार चलती है।

  1. आकलन:
    संजाल पूर्ण कीजिए:     [2]
  2. आकलन:
    गलत विधानों को सही करके लिखिए:    [2]
    1. पश्चिमी बंगाल का प्राकृतिक सौंदर्य भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत अलग नहीं है।
    2. कोलकाता से अधिक स्मरणीय और किंचित उदास स्मृति यूरोप की है।
  3. स्वमत-अभिव्यक्ति:     [3]
    स्वयं का स्मरणीय अनुभव 30 से 40 शब्दों में लिखिए।
Comprehension
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Solution



    1. पश्चिमी बंगाल का प्राकृतिक सौंदर्य भारत के अन्य प्रदेशों से बहुत अलग है।
    2. कोलकाता से अधिक स्मरणीय और किंचित उदास स्मृति शांतिनिकेतन की है।
  1. एक बार हमने अपने परिवार के साथ माथेरान जाने का निर्णय लिया। पिता जी कुर्ला स्टेशन से नेरल तक के पाँच टिकट ले आए। अगले दिन हम सभी कुर्ला से नेरल पहुँचे। वहाँ से हमने माथेरान के लिए टिकट लिया। छोटी ट्रेन धीरे-धीरे पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच से गुजरती हुई हमें माथेरान ले गई। रास्ते भर हमने प्रकृति की सुंदरता का आनंद लिया।
    माथेरान पहुँचकर हमने एक कमरा किराए पर लिया। शाम को नाश्ता करने के बाद हम सनसेट प्वाइंट देखने गए, जो हमारा एक सपना था। वहाँ कई पर्यटक घुड़सवारी का आनंद ले रहे थे।
    अगली सुबह हम सनराइज प्वाइंट पहुँचे। उगते सूरज की लालिमा और उसकी सुंदर छटा ने हमें मंत्रमुग्ध कर दिया। माथेरान की प्राकृतिक सुंदरता ने हमारा मन मोह लिया। शाम को हम ट्रेन से नेरल और फिर नेरल से कुर्ला लौट आए। यह यात्रा हमारे जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में से एक रही।

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