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Question
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
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लोकतंत्र को ही जनतंत्र की संज्ञा दी गई है, जिसका अर्थ - जनता द्वारा चुने गए, प्रतिनिधियों का जनहित में शासन करना। लोकतंत्र और चुनाव का संबंध चोली-दामन जैसा है। लोकतांत्रिक शासन-प्रणाली को चलाने के लिए जनता को स्वच्छ और सही तरीके से जनहित में कार्य करने वाले सुयोग्य प्रशासकों का चुनाव अपने मतदान के आधार पर करना पड़ता है। लोकतंत्र में चुनाव ही शक्ति है, जिसके द्वारा आम जनता अपने हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन में एक तरह से हस्तक्षेप कर सकती है, अवांछित और अयोग्य प्रशासकों को बदल सकती है और निष्क्रिय प्रशासन को उचित दिशा में सक्रिय कर सकती है। यही कारण है कि लोकतंत्र को शासन-व्यवस्था का प्राण-तत्त्व कहा गया है। लोकतंत्र में चुनाव सत्ता-परिवर्तन का साधन और उसकी प्राप्ति का माध्यम भी है। चुनाव एक ऐसी प्रक्रिया है, जो सत्तारूढ़ और विरोधी दोनों दलों के लिए विशेष प्रकार का आकर्षण केंद्र हुआ करती है। सत्ताधारियों के लिए इसलिए, कि वह आम जन की कठिनाइयों को दूर करे; उनकी समस्याओं को इस प्रकार सुलझाए कि सबों के हितों की रक्षा हो सके; आम जन के मन में निश्चिंतता और लोकतंत्र के प्रति आस्था का भाव उभर सके। |
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Solution
- लोकतंत्र को किसकी संज्ञा दी गई है?
- लोकतंत्र और चुनाव का संबंध कैसा है?
- लोकतंत्र को क्या कहा गया है?
- लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का साधन क्या है?
