Advertisements
Advertisements
Question
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८८
Advertisements
Solution
अष्टाशीतिः
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१०
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
राजा = ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं धनुः त्यज। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
उत्तरपदं लिखत।
काकोऽवदत् = काकः + ______।
उत्तरपदं लिखत।
जम्बूकोऽयम् = जम्बूकः + ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः क्षेत्रे उपस्थितः।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकभयम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिकाः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकलः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सकोपम् | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतमं मूल्यं मह्यं दद्यात्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
त्वया किं दृष्टम्? (वाच्य परिवर्तनं कुरुत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकार: |
| ______ | ______ | चिन्तयामहै | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| राजसद्म | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मदान्धः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् | ______ | ददाते | ददते |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् | ______ | भुञ्जाथे | भुङ्ग्ध्वे |
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मग्रः आसम्।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव।
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लृट् | गमिष्यसि | ...... | ...... | मध्यमः पुरुषः |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
माता आर्याम्बा पुत्रस्य विवाहविषये सदैव चिन्तयति स्म।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणौ प्राणमत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत्। (बहुवचनं कुरुत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| कविपण्डिताः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अम्भोदाः वसुधाम् आर्द्रयन्ति। (कर्तृपदम् एकवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा पुरीं ययौ। (लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः। (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| प्र + विश् (६ प.प.) | प्रविष्टः | ______ | ______ | प्रविशन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि
______ अवगतम्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ...... | ...... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | यच्छतः | ______ | प्रथमः | लट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७५
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७८
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९८
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भल्लूकवेषधारी | ..... | ..... |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
लघुः × ______।
