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Question
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकलः | ...... | ...... |
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Solution
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकलः | चरणाभ्यां विकलः | तृतीया-तत्पुरुषः। |
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RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि। (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
उत्तरपदं लिखत।
मृगेणोक्तम् = मृगेण + ______।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
सन्धिविग्रहं कुरुत।
रथस्यैकम्।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिकाः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अश्मखण्डः | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता।
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | गृध्रौ | ..... | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
______ नमः। (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि। (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रम् (१ आ.प.) | रतः | ______ | रन्तव्यः | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लट् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज् (१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| खाद् (१ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शतृ/शानच् |
| लभ् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षण्णवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
५६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
४८
लकारं लिखत।
स मूल्यं मह्यं दद्यात्। = .......
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।
