Advertisements
Advertisements
Question
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
आत्मनो मुखदोषेण
Advertisements
Solution
आत्मनो मुखदोषेण - आत्मनः + मुखदोषेण।
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
नदी = ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
सुकृतम् - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि । (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मृगः प्रत्यहं तत्र गत्वा सस्यम् अखादत्। (त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विविधबीजानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षुद्रबुद्धिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सकोपम् | ______ | _____ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतम मूल्यं मह्यं दद्यात् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम् । (लकारं लिखत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवत : | द्वितीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| महात्मा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| हस्तस्थम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत।
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| दयावत: | ...... | ...... | षष्ठी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चिन्तामग्ना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अम्भोदा: वसुधाम् आर्द्रयन्ति । (कर्तृपदम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्राः संस्कृतमपि पठितुं शक्नुवन्ति। (एकवचने परिवर्तयत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ समीपे सुभाषितसङ्यरहं दृष्टा मया चिन्तितम् । (भवत्यै/भवत्याः)
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सुभाषितसद्ग्रहः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| विद्युति | ______ | ______ | सप्तमी |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | युष्मान् / वः | द्वितीया |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
| खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूको | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
