Advertisements
Advertisements
Question
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | ______ |
Advertisements
Solution
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | जानते |
RELATED QUESTIONS
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पादः - ______
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
प्रश्रनिमांण करुत ।
सः वृक्षस्य पृष्ठतः निभृतं स्थितः।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम् । (लकारं लिखत ।) |
मञ्जूषात: उचितं शब्दं चित्वा तालिकां पूरयत।
| नीतिनिपुणाः | ______ | ______ | वा |
| ______ | समाविशतु | ______ | वा |
| ______ | अद्यैव | ______ | वा |
(निन्दन्तु, गच्छतु, युगान्तरे, मरणम्, लक्ष्मीः, स्तुवन्तु।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
बकास्तत्र
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विविधबीजानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिता: | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमि |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| मुज्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परागकणाः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | .... | .... | चतुर्थी |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
वाचनेनैव
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
महिला मयि पाषाणखण्डान् अक्षिपत् ।
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | आवाम्-नौ | ______ | द्वितीया |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| कविपण्डिताः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनुत्तमानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराज : | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
______ नमः । (‘वैद्यराज’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ..... + वा।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सावधानमनः | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | काभ्यः | चतुर्थीं |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
| लम् (१ आ.प.) | ______ | लब्धवान् | लभनीयः | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
द्विषष्टिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
५२ - .....
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| महाविद्यालयः | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
आत्मा कृतार्थतां लभताम् ।
लकारं लिखत ।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम ।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
योग्यं पर्यायं चिनुत।
वानराः ______ फलानि खादन्ति।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अल्पधी: | ______ | ______ |
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
