Advertisements
Advertisements
Question
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
अद्ययावद्धि ।
Advertisements
Solution
अद्ययावद्धि – अद्ययावत् + हि।
RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१०
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
१४ - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
उत्तरपदं लिखत ।
काकोऽवदत् = काकः + ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
आत्मनो मुखदोषेण
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिका: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिता: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्रियासिद्धिः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं किम् इच्छसि? (‘त्वम्’ इत्यस्य स्थाने ‘भवान्’ इति योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
वयं महाभागस्य नामधेयं जानीमः। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | त्वचोः | ______ | षष्ठी |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परमाणु: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अश्मखण्डः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | .... | .... | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| दा (३ उ.) | यच्छति | लट् लोट् |
______ | ददाते ददते |
दत्तम् दत्त |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भल्लूकवेशे अब्दुलः शोभेत ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा ।
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| वनस्पतिगतः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराज : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृहस्थ: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचि: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अम्भोदा: वसुधाम् आर्द्रयन्ति । (कर्तृपदम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ समीपे सुभाषितसङ्यरहं दृष्टा मया चिन्तितम् । (भवत्यै/भवत्याः)
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ अवगतम् ।
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सर्वधर्माः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लद् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| आसीत् | ______ | ______ | प्रथमः | लङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
| खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
पञ्चदश - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
५८ - ______
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
लकारं लिखत ।
अह प्रसन्ना भविष्यामि ।- ______
लकारं लिखत ।
त्वं स्चनां द्रष्टं शक्नोषि ।
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।
