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Question
पृष्ठतः ______ युवकाः गोष्ठिषु रताः।
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कश्चन
केचन
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Solution
पृष्ठतः केचन युवकाः गोष्ठिषु रताः।
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RELATED QUESTIONS
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१०
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत्। (‘भूमातुः’ स्थाने ‘भूमि’ शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
पूर्वपदं लिखत।
मृतोऽसि = ______ + असि।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपतिः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भुजगयमिताः | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम्। (लकारं लिखत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुष: | लकारः |
| ______ | जीवतः | ______ | प्रथमः | लट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सूक्ष्मकणाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| कणादमुनिः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
नाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ..... | गृध्रौ | ..... | द्वितीया |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ददर्शायतलोचना।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराजः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पूर्णानदी | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि। (‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| आ + रुह्-रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्रिचत्वारिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१८
लकारं लिखत।
आचार्यः तं प्रणनाम। = ......
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
