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Question
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि ।
(‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत ।)
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Solution
भवान् दीनं वच: मा ब्रवीतु।
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सुकृतम् - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
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सन्धिविग्रहं कुरुत।
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समासविग्रहं कुरुत
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समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पूजार्थम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अश्मखण्डः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
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तालिकां पूरयत
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धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
समासविग्रहं कुरुत ।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
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सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
अपि भवती संस्कृतं पाठयति? (‘भवती’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
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(लोट् लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
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| ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
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समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
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समासविग्रहं कुरुत
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द्विषष्टिः - ______
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५६- ______
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१८ - ______
लकारं लिखत ।
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सङ्ख्या अक्षरै: लिखत।
१८
