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Question
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
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Solution
पञ्चाशीतिः - ८५
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RELATED QUESTIONS
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
नदी = ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत् । (भूमातुः स्थाने 'भूमि' शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत ।)
मेलनं कुरुत ।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
पूर्वपदं लिखत ।
मृतोऽसि =______ + असि।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
मित्र छिन्धि तावन्मम बन्धनम् । (लकारं लिखत ।) |
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जलव्यवस्थापनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| सूक्ष्मकणाः | ______ | ______ |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
वाचनेनैव ।
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना - ______
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
गौः मञ्चं समागता ।
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | ______ | पश्यावः | ______ | उत्तमः |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चरमबिन्दुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराज : | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचको वा = ______ + वा।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पशुपतिः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | लिखेतम् | ______ | मध्यमः | विधिलिङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६८ -
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८८ - ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
लकारं लिखत।
आचार्यः तं प्रणनाम - ______
लकारं लिखत ।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम ।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
