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Question
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चिन्तामग्ना | ..... | ..... |
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Solution
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| चिन्तामग्ना | चिन्तायां मग्ना | सप्तमी-तत्पुरुषः। |
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RELATED QUESTIONS
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन्। (पूर्वकालवाचक -त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव।
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिकाः | ...... | ...... |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतमं मूल्यं मह्यं दद्यात्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि। (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| मुञ्चानि | ______ | ______ | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| बालसूर्यबिम्बम् | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ..... | ..... |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् | जानीते | जानाते | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सः पठनार्थं गुरुमुपागच्छत्। (बहुवचनं कुरुत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म। (‘स्म’ निष्कासयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डाः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मातृसेवा | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचिः | ..... | ..... |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| रम् (१ आ.प.) | रतः | ______ | रन्तव्यः | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ...... | ...... |
सर्वनामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | युष्मान्/वः | द्वितीया |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| विन्देयम् | ______ | ______ | उत्तमः | विधिलिङ् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
षट्त्रिंशत्
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
त्र्यशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९२
लकारं लिखत।
मित्र छिन्धि मम बन्धनम्।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
