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Question
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
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Solution
| ए. व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| रज्जवे | रज्जुभ्याम् | रज्जुभ्य: | चतुर्थी |
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RELATED QUESTIONS
विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत।
उपकारकम् × ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
राजा = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत।)
उत्तरपदं लिखत।
मृगेणोक्तम् = मृगेण + ______।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
शृगालः मृगेण सह मित्रताम् ऐच्छत्।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
आत्मनो मुखदोषेण
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि।
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विविधबीजानि | ...... | ...... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ...... | ...... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमी |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| सवितारम् | ______ | ______ | द्वितीया |
तालिकां पूरयत।
| धातवः | अर्थः | लकारः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीवः | ______ |
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकाराः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | पुरुषः |
| लङ् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः पुरुषः |
सर्वनाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ...... | ...... | षष्ठी |
सर्वनाम-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ...... | ...... | ताः | प्रथमा |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सद्गुणसम्पत्तिः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ..... | ..... |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचिः | ..... | ..... |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वैद्यः प्राणान् हरति। (वाक्यं लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयं कार्यरताः स्याम। (लोट्-लकारे परिवर्तयत।)
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| विशेषार्हता | ...... | ...... |
क्रियापदतालिकां पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | पुरुषः | लकारः |
| ______ | ______ | गमिष्यामः | उत्तमः | लृट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
पञ्चदश
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
सप्तनवतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
२२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९२
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भल्लूकवेषधारी | ..... | ..... |
लकारं लिखत।
काकः उपादिशत्। = .......
लकारं लिखत।
आत्मा कृतार्थतां लभताम्। = ......
लकारं लिखत।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम। = ......
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
मृगः = ______।
