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‘परोपकार’ विषय पर आधारित दो कविताओं और दो दोहों का संकलन कीजिए। उन्हें कक्षा में सुनाइए।

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Question

‘परोपकार’ विषय पर आधारित दो कविताओं और दो दोहों का संकलन कीजिए। उन्हें कक्षा में सुनाइए।

Short/Brief Note
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Solution

‘परोपकार’ विषय पर आधारित कविताएँ और दोहे-
कविता- औरों को हसते देखो मनु, हँसो और सुख पाओ।
अपने सुख को विस्तृत कर लो, सबको सुखी बनाओ।
छात्र पुस्तकालय से ‘कामायनी’ लेकर कविता पढ़ें। (जयशंकर प्रसाद कृत ‘कामायनी’ से)

दोहे- यों रहीम सुख होत है, उपकारी के संग ।
बाँटन वारे को लगै, ज्यो मेहदी को रंग ।।
तरुवर फल नहिं खात है, नदी न संचै नीर।
परमारथ के कारनै, साधुन धरा शरीर ।।

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मनुष्यता
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Chapter 1.4: मनुष्यता - योग्यता विस्तार [Page 17]

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.4 मनुष्यता
योग्यता विस्तार | Q 2. | Page 17

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कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
उदार व्यक्ति की पहचान कैसे हो सकती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने किन पंक्तियों में यह व्यक्त किया है कि हमें गर्व-रहित जीवन व्यतीत करना चाहिए?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
चलो अभीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्ति, विघ्न जो पड़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।


अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध’ की कविता ‘कर्मवीर’ तथा अन्य कविताओं को पढ़िए तथा कक्षा में सुनाइए।


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पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

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