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कवि मैथिलीशरण गुप्त जी ने कहा, ‘अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।’ इस पंक्ति की सार्थकता व वर्तमान समय में इसका औचित्य स्थापित कीजिए।

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Question

दुनिया भर में असहिष्णुता लगभग आम हो गई है। जाति, धर्म, रंग और वैचारिक रूप से भिन्न दृष्टिकोण रखने वाले लोगों के प्रति असहिष्णुता की घटनाएँ बढ़ती जा रही हैं। सहिष्णुता की परिभाषा पर विचार करें तो जिस विश्वास और प्रथा को हम पसंद नहीं करते उसमें बाधा डालने की बजाय संयम बरतना ही सहिष्णुता है।

कवि मैथिलीशरण गुप्त जी ने कहा, ‘अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।’ इस पंक्ति की सार्थकता व वर्तमान समय में इसका औचित्य स्थापित कीजिए।

Answer in Brief
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Solution

कवि मैथिलीशरण गुप्त ने अपनी कविता ‘मनुष्यता’ के द्वारा मानव जाति को प्रेरित किया है। वे मानव को सहिष्णुता, परमार्थ, विश्वबंधुत्व करुणा, उदारता, धैर्य, सहयोग आदि गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। अधीर होकर भाग्यहीन होने से अच्छा है कि हम धैर्यवान बनें। मेलजोल, प्रेम व सौहार्द की भावना परस्पर होनी चाहिए तथा वैचारिक भिन्नता को बढ़ने नहीं देना चाहिए। हमें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए तथा ईश्वर की प्राप्ति के लिए विभिन्न मार्गों को एक करके पारस्परिक मतभेदों को भुला देना चाहिए तथा तर्कों से परे ईश्वर के एक पंथ पर आगे बढ़ना चाहिए। परमात्मा का अस्तित्व सभी तर्कों से ऊपर है और हम सभी उनके अंश हैं। अतः इन सद्गुणों को अपनाते हुए मनुष्य को लोककल्याण पर बल देना चाहिए।

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मनुष्यता
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2021-2022 (March) Term 2 Sample

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने कैसी मृत्यु को सुमृत्यु कहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवि ने सबको एक होकर चलने की प्रेरणा क्यों दी है?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
सहानुभूति चाहिए, महाविभूति है यही;
वशीकृता सदैव है बनी हुई स्वयं मही।
विरुद्धवाद बुद्ध का दया-प्रवाह में बहा,
विनीत लोकवर्ग क्या न सामने झुका रहा?


निम्नलिखित प्रश्न का भाव स्पष्ट कीजिए −
रहो न भूल के कभी मदांध तुच्छ वित्त में,
सनाथ जान आपको करो न गर्व चित्त में।
अनाथ कौन है यहाँ? त्रिलोकनाथ साथ हैं,
दयालु दीनबंधु के बड़े विशाल हाथ हैं।


अपने अध्यापक की सहायता से रंतिदेव, दधीचि, कर्ण आदि पौराणिक पात्रों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


‘विचार लो कि मर्त्य हो’ कवि ने ऐसा क्यों कहा है? इसे सुमृत्यु कैसे बनाया जा सकता है?


कवि किसके जीने और मरने को एक समान बताता है?


“अखंड आत्मभाव भरने’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


कवि ने महाविभूति किसे कहा है और क्यों?


कवि ने सफलता पाने के लिए मनुष्य को किस तरह प्रयास करने के लिए कहा है?


‘रहो न यों कि एक से न काम और का सरे’ के माध्यम से कवि क्या सीख देना चाहता है?


‘मनुष्यता’ कविता में कवि ने मनुष्य के किस कृत्य को अनर्थ कहा है और क्यों ?


निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए-

चलो अमीष्ट मार्ग में सहर्ष खेलते हुए,
विपत्ति, विघ्न जो पढ़ें उन्हें ढकेलते हुए।
घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी,
अतर्क एक पंथ के सतर्क पंथ हों सभी।
तभी समर्थ भाव है कि तारता हुआ तरे,
वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे

  1. कवि सभी को एक होकर चलने की प्रेरणा देते हैं। इससे ज्ञात होता है कि कवि ______ के पक्षघर हैं।
    (क) निरन्वय
    (ख) समन्वय
    (ग) क्रमान्वय
    (घ) दूरान्वय

  2. अभीष्ट मार्ग से तात्पर्य है-
    (क) स्वर्गगत मार्ग
    (ख) प्रमाणित मार्ग
    (ग) क्रीड़ाक्षेत्रीय मार्ग
    (घ) मनोवांछित मार्ग

  3. समर्थ भाव है, दूसरों को
    (क) सफल करते हुए स्वयं सफल होना
    (ख) ज्ञान मार्ग बताते हुए सफल बनाना
    (ग) शक्ति प्रदर्शन द्वारा सफलता दिलाना
    (घ) सफल करते हुए अपना स्वार्थ सिद्ध करना

  4. 'भिन्‍नता ना बढ़े' का आशय है-
    (क) मत भिन्नता हो
    (ख) मतभेद कम हों
    (ग) भेदभाव भिन्न हों
    (घ) मतभेद अधिक हों

  5. निम्नलिखित वाक्यों को ध्यानपूर्वक पढ़िए-
  1. हमें मृत्यु से कभी नहीं डरना चाहिए ।
  2. बाहय आडंबरों का विरोध करना चाहिए।
  3. मार्ग की विपत्तियों को ढकेलते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
  4. प्राकृतिक सौंदर्य के लिए ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए।
  5. हमें अपने जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

    पदयांश से मेल खाते वाक्यों के लिए उचित विकल्प चुनिए -

    (क) (i), (ii), (v)
    (ख) (i), (iii), (v)
    (ग)  (ii), (iii), (iv)
    (घ)  (ii), (iv), (v)

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए और उपयुक्त कथन चुनिए।


पद्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -

“घटे न हेलमेल हाँ, बढ़े न भिन्‍नता कभी” - 'मनुष्यता' कविता से ली गई इस पंक्ति के माध्यम से कवि ने जीवन रूपी मार्ग पर आगे बढ़ते समय क्‍या याद रखने को कहा है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'मनुष्यता' कविता में कवि ने कैसे जीवन को व्यर्थ बताया है, और क्यों?


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