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पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित अभिव्यक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए- मूक सत्याग्रह

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Question

पाठ के संदर्भ में निम्नलिखित अभिव्यक्ति का अर्थ स्पष्ट कीजिए-

मूक सत्याग्रह

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Solution

इसका अर्थ है बिना कुछ बोले अपने विरोध या पीड़ा को व्यक्त करना।

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जहाँ कोई वापसी नहीं
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Chapter 2.06: निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं) - प्रश्न-अभ्यास [Page 115]

APPEARS IN

NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 2.06 निर्मल वर्मा (जँहा कोई वापसी नहीं)
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. (i) | Page 115

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अमझर से आप क्या समझते हैं?


आधुनिक भारत के ‘नए शरणार्थी’ किन्हें कहा गया है?


प्रकृति के कारण विस्थापन और औद्योगीकरण के कारण विस्थापन में क्या अंतर है?


यूरोप और भारत की पर्यावरणीय संबंधी चिंताएँ किस प्रकार भिन्न हैं?


लेखक के अनुसार स्वातंत्र्योत्तर भारत की सबसे बड़ी ‘ट्रैजडी’ क्या है?


औद्योगीकरण ने पर्यावरण का संकट पैदा कर दिया है, क्यों और कैसे?


निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

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निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

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निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-

आधुनिक शरणार्थी


निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-

औद्योगीकरण की अनिवार्यता


निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-

प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच आपसी संबंध


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कभी-कभी किसी इलाके की संपदा ही उसका अभिशाप बन जाती है।


निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए-

अतीत का समूचा मिथक संसार पोथियों में नहीं, इन रिश्तों की अदृश्य लिपि में मौजूद रहता था।


‘किंतु यह भ्रम है ......... डूब जाती हैं।’ इस गद्यांश को भूतकाल की क्रिया के साथ अपने शब्दों में लिखिए।


‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ के लिए कोई दूसरा शीर्षक लिखें तथा इसे चुनने के लिए अपने तर्क दें।


औद्योगीकरण ने पर्यावरण को कैसे प्रभावित किया है? "जहाँ कोई वापसी नहीं" पाठ के आधार पर बताइए।


निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर सप्रसंग व्याख्या कीजिए।

विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्‍ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था।

निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -

मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला।

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