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Question
आधुनिक भारत के ‘नए शरणार्थी’ किन्हें कहा गया है?
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Solution
आधुनिक भारत के ‘नए शरणार्थी’ उन हजारों ग्रामीण लोगों को कहा गया है, जिन्हें विकास और आधुनिकता की परियोजनाओं के कारण अपने गाँव छोड़ने पड़े। देश की प्रगति के लिए उन्हें अपने घर, खेत, खलिहान और पुश्तैनी जमीन से दूर होना पड़ा। वे विस्थापन की उस पीड़ा को सह रहे हैं, जो औद्योगीकरण के परिणामस्वरूप उन्हें मिली है। उद्योगों के विस्तार ने उन्हें उनकी जड़ों से हमेशा के लिए अलग कर दिया है। अब जहाँ भी उनका पुनर्वास होगा, वहाँ उनकी स्थिति नए शरणार्थियों के समान होगी।
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| विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था। |
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