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Question
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
प्रकृति और इतिहास के बीच यह गहरा अंतर है?
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Solution
प्रकृति और इतिहास के बीच महत्वपूर्ण अंतर होता है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों का विस्थापन सामान्यतः कुछ समय के लिए होता है, लेकिन औद्योगीकरण किसी क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण को हमेशा के लिए बदल देता है और वह केवल यादों का हिस्सा बनकर रह जाता है। विकास की इस अंधी दौड़ में लोगों के घर-बार और बसे-बसाए स्थान स्थायी रूप से नष्ट हो जाते हैं। परिणामस्वरूप, जो व्यक्ति कभी अपने घर में सुरक्षित था, वह विस्थापित होकर शरणार्थी जैसा जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाता है।
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मूक सत्याग्रह
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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
| विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था। |
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
| मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला। |
