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Question
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-
प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति के बीच आपसी संबंध
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Solution
लेखक के अनुसार प्रकृति, मनुष्य और संस्कृति का आपस में गहरा संबंध है। ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और एक-दूसरे को पूरा करते हैं। प्रकृति और मनुष्य के मेल से संस्कृति का विकास होता है। मनुष्य के कार्यों का प्रभाव प्रकृति और संस्कृति दोनों पर पड़ता है। ये तीनों विकास की निरंतर प्रक्रिया के महत्वपूर्ण भाग हैं। जब इनके बीच संतुलन बना रहता है, तब इनका अस्तित्व सुरक्षित रहता है, लेकिन इनके बीच बढ़ता हुआ असंतुलन इनके विनाश का कारण बन सकता है।
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| विकास का यह ‘उजला’ पहलू अपने पीछे कितने व्यापक पैमाने पर विनाश का अंधेरा लेकर आया था, हम उसका छोटा-सा जायज़ा लेने दिल्ली में स्थित ‘लोकायन’ संस्था की ओर से सिंगरौली गए थे। सिंगरौली जाने से पहले मेरे मन में इस तरह का कोई सुखद भ्रम नहीं था कि औद्योगीकरण का चक्का, जो स्वतंत्रता के बाद चलाया गया, उसे रोका जा सकता है। शायद पैंतीस वर्ष पहले हम कोई दूसरा विकल्प चुन सकते थे, जिसमें मानव सुख की कसौटी भौतिक लिप्सा न होकर जीवन की जरूरतों द्वारा निर्धारित होती। पश्चिम जिस विकल्प को खो चुका था भारत में उसकी संभावनाएँ खुली थीं, क्योंकि अपनी समस्त कोशिशों के बावजूद अंग्रेजी राज हिंदुस्तान को संपूर्ण रूप से अपनी ‘सांस्कृतिक कॉलोनी’ बनाने में असफल रहा था। |
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
| मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला। |
