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Question
कया स्वच्छता अभियान की ज़रूरत गाँव से ज़्यादा शहरों में है? (विस्थापित लोगों, मज़दूर बस्तियों, सलमस क्षेत्रों, शहरों में बसी झुग्गी बस्तियों के संदर्भ में लिखिए।)
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Solution
स्वच्छता अभियान की आवश्यकता हर स्थान पर है, लेकिन शहरों में इसके प्रति अधिक जागरूकता की जरूरत है। शहरों के लोग अपने कामकाज में इतने व्यस्त रहते हैं कि अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैला देते हैं। वे कई बार केवल अपनी सुविधा के बारे में सोचते हैं। इसके साथ ही झुग्गी-झोपड़ियों वाले क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। झुग्गियों को हटाने से पहले वहाँ रहने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें बेघर न होना पड़े। स्वच्छता अभियान को सभी स्थानों पर गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए।
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| मेरे लिए एक दूसरी दृष्टि से भी यह अनूठा अनुभव था। लोग अपने गाँवों से विस्थापित होकर कैसी अनाथ, उन्मूलित ज़िंदगी बिताते हैं, यह मैंने हिंदुस्तानी शहरों के बीच बसी मज़दूरों की गंदी, दम घुटती, भयावह बस्तियों और स्लम्स में कई बार देखा था, किंतु विस्थापन से पूर्व वे कैसे परिवेश में रहते होंगे, किस तरह की ज़िंदगी बिताते होंगे, इसका दृश्य अपने स्वच्छ, पवित्र खुलेपन में पहली बार अमझर गाँव में देखने को मिला। |
