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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए: 'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।

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Questions

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में वर्णित पर्वतीय प्रदेश की सुंदरता का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

Answer in Brief
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Solution

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य को व्यक्त करने वाली है। वर्षा के समय प्रकृति का सौंदर्य और भी बढ़ जाता है। वर्षा के समय प्रकृति में अनेक  प्रकार के परिवर्तन देखकर लगता है कि प्रकृति सजने-सँवरने के क्रम में पल-पल अपना रूप बदल रही है। कभी वर्षा होती है, तो कभी धूप निकल आती है। पर्वतों पर उगे हजारों फूल ऐसे लग रहे हैं जैसे पर्वतों की आँखें हो और वो इन आँखों के सहारे स्वयं को अपने चरणों में फैले तालाब रूपी दर्पण में देख रहे हों। उस पर्वत प्रदेश में एक विशाल वाला मेखलाकार पर्वत है जिसमें फूल खिले हैं। उस पर्वत के पास विशाल तालाब है जिससे पर्वत का सौंदर्य निहारा जा सकता है। पर्वतों से गिरते हुए झरने कल-कल की मधुर आवाज कर रहे हैं जो नस-नस को प्रसन्नता से भर रहे हैं। पर्वतों पर उगे हुए पेड़ शांत हैं और आकाश को ऐसे देख रहे हैं जैसे वो उसे छूना चाह रहे हों। उनका ऊँचा कद मानो उनकी ऊँची आकांक्षाओं को दर्शा रहा है। तालाब के स्वच्छ जल में पर्वत का प्रतिबिंब स्पष्ट रूप से दिख रहा होता है, भले ही वह दर्पण की भाँति हो। अर्थात्‌ गायब हो गया है। चारों ओर धुँआ होने के कारण वहाँ का वातावरण अत्यंत मनोहर तथा रहस्यमयी प्रतीत हो रहा है।

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पर्वत प्रदेश में पावस
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2022-2023 (March) Outside Delhi Set 2

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‘मेखलाकार’ शब्द का क्या अर्थ है? कवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ क्यों किया है?


पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष आकाश की और क्यों देख रहे थे?


शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेषअटलकुछ चिंतापर।


आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
(ग) कविता की संगीतात्मकता पर


पर्वतीय प्रदेश में स्थित तालाब के सौंदर्य का चित्रण कीजिए।


पर्वतों पर उगे पेड़ कवि को किस तरह दिख रहे हैं?


कविता में पर्वत के प्रति कवि की कल्पना अत्यंत मनोरम है-स्पष्ट कीजिए।


पर्वतीय प्रदेश में उड़ते बादलों को देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है?


पर्वतीय प्रदेश में कुछ पेड़ पहाड़ पर उगे हैं तो कुछ शाल के पेड़ पहाड़ के पास। इन दोनों स्थान के पेड़ों के सौंदर्य में अंतर कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वत द्वारा अपना प्रतिबिंब तालाब में देखना पर्वत के किन मनोभावों को स्पष्ट करना चाहता है?


आपके पाठ्यक्रम में किस कविता में वर्षा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है?


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?


“जिसके चरणों में पला ताल, दर्पण - सा फैला है विशाल" -इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है?


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