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Question
पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष आकाश की और क्यों देख रहे थे?
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Solution
पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष मानो बादलों और वर्षा से भरे आकाश का स्वागत कर रहे थे। वे अपनी ऊँचाई और सौंदर्य के कारण आकाश की ओर निहारते हुए प्रतीत होते हैं।
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−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
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