Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
है टूट पड़ा भू पर अंबर।
Advertisements
Solution
सुमित्रानंदन पंत जी ने इस पंक्ति में पर्वत प्रदेश की मूसलाधार वर्षा का चित्रण किया है। पावस ऋतु में यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत हो जाता है। कभी-कभी वर्षा इतनी धुआँधार होती है कि प्रतीत होता है मानो पूरा आकाश ही धरती पर टूट पड़ा हो।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘मेखलाकार’ शब्द का क्या अर्थ है? कवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ क्यों किया है?
‘सहस्र दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।
कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।
वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।
‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
कविता में पर्वत को कौन-सा मानवीय कार्य करते हुए दर्शाया गया है?
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में तालाब की तुलना किससे की गई है और क्यों?
पर्वतीय प्रदेश में उड़ते बादलों को देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है?
कवि के देखते-देखते अचानक कौन-सा परिवर्तन हुआ जिससे शाल के वृक्ष भयाकुल हो गए?
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वत द्वारा अपना प्रतिबिंब तालाब में देखना पर्वत के किन मनोभावों को स्पष्ट करना चाहता है?
आपके पाठ्यक्रम में किस कविता में वर्षा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है?
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वतों की दृष्टि किसे कहा गया है? पर्वत अपना प्रतिबिंब कहाँ और क्यों निहार रहे हैं?
“जिसके चरणों में पला ताल, दर्पण - सा फैला है विशाल" -इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है?
