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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए- है टूट पड़ा भू पर अंबर।

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Question

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।

Short Answer
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Solution

सुमित्रानंदन पंत जी ने इस पंक्ति में पर्वत प्रदेश की मूसलाधार वर्षा का चित्रण किया है। पावस ऋतु में यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत हो जाता है। कभी-कभी वर्षा इतनी धुआँधार होती है कि प्रतीत होता है मानो पूरा आकाश ही धरती पर टूट पड़ा हो।

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पर्वत प्रदेश में पावस
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Chapter 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - प्रश्न-अभ्यास (ख) [Page 28]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 [English] Class 10
Chapter 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 1 | Page 28

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शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।


इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया हैस्पष्ट कीजिए।


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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

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