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प्रश्न
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
है टूट पड़ा भू पर अंबर।
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उत्तर
सुमित्रानंदन पंत जी ने इस पंक्ति में पर्वत प्रदेश की मूसलाधार वर्षा का चित्रण किया है। पावस ऋतु में यहाँ का प्राकृतिक सौंदर्य अद्भुत हो जाता है। कभी-कभी वर्षा इतनी धुआँधार होती है कि प्रतीत होता है मानो पूरा आकाश ही धरती पर टूट पड़ा हो।
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वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।
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