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प्रश्न
‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में पर्वतों को ‘मेखलाकार पर्वत अपार’ कहने का कवि का क्या अभिप्राय है? स्पष्ट कीजिए।
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उत्तर
‘मेखलाकार’ शब्द का अर्थ है- करघनी के आकार की पहाड़ की गोलाकार ढ़ाल। कवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ पर्वत और पर्वतमालाओं के सौंदर्य का वर्णन करने के लिए किया है। प्राकृतिक वर्षा ऋतु में पर्वतों के परिवेश में पल-पल जो परिवर्तन होता है, उसको बताने के लिए कवि ने इसका प्रयोग किया है।
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