आसमान में बादलों के छा जाने और मूसलाधार वर्षा के कारण वातावरण भयावह हो गया। वर्षा की भयानकता और धुंध से शाल के वृक्ष ऐसे प्रतीत होते हैं मानो वे भयभीत होकर धरती में धँस गए हों।
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प्रश्न
शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?
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उत्तर
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झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है? स्पष्ट कीजिए।
कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।
इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
बारिश, झरने, इंद्रधनुष, बादल, कोयल, पानी, पक्षी, सूरज, हरियाली, फूल, फल आदि या कोई भी प्रकृति विषयक शब्द का प्रयोग करते हुए एक कविता लिखने का प्रयास कीजिए।
‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
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‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में तालाब की तुलना किससे की गई है और क्यों?
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'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।
