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प्रश्न
पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए?
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उत्तर
पावस ऋतु में पर्वत प्रदेश की प्रकृति का रूप बदल जाता है। चारों ओर हरियाली छा जाती है, मेघों से ढके पर्वत बार-बार नीचे जल में अपना विशाल आकार निहारते हैं। पर्वत के चरणों में फैला हुआ ताल दर्पण की तरह चमकता है। झरने झर-झर बहकर नदियों और तालों को भर देते हैं, और मोतियों की लड़ियों जैसे सुंदर दृश्य उत्पन्न करते हैं। कहीं जल की धाराएँ ऊँचाई से गिरकर छींटे उड़ाती हैं तो कहीं बादल गरजते और वर्षा करते हैं, जिससे वातावरण में शीतलता और ताजगी भर जाती है।
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(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
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इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।
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