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कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।

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Question

कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।

Short/Brief Note
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Solution

कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। कविता में इन स्थलों पर चित्रात्मक शैली की छटा बिखरी हुई है-

1. मेखलाकार पर्वत अपार

अपने सहस्र दृग-सुमन फाड़,

अवलोक रहा है बार-बार

नीचे जल में निज महाकार

जिसके चरणों में पला ताल

दर्पण फैला है विशाल!

2. गिरिवर के उर से उठ-उठ कर

उच्चाकांक्षाओं से तरुवर

हैं झाँक रहे नीरव नभ पर 

अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।

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पर्वत प्रदेश में पावस
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Chapter 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - कविता का सौंदर्य [Page 24]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
कविता का सौंदर्य | Q 3. | Page 24

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पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए?


‘मेखलाकार’ शब्द का क्या अर्थ है? कवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ क्यों किया है?


‘सहस्र दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?


कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है?


झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? 


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।


इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


पर्वत से गिरने वाले झरनों की विशेषता लिखिए।


कविता में पर्वत के प्रति कवि की कल्पना अत्यंत मनोरम है-स्पष्ट कीजिए।


‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में तालाब की तुलना किससे की गई है और क्यों?


पर्वतीय प्रदेश में इंद्र अपनी जादूगरी किस तरह दिखा रहा था?


पर्वतीय प्रदेश में कुछ पेड़ पहाड़ पर उगे हैं तो कुछ शाल के पेड़ पहाड़ के पास। इन दोनों स्थान के पेड़ों के सौंदर्य में अंतर कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वतों की दृष्टि किसे कहा गया है? पर्वत अपना प्रतिबिंब कहाँ और क्यों निहार रहे हैं?


“जिसके चरणों में पला ताल, दर्पण - सा फैला है विशाल" -इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है?


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