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इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।

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Question

इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तन-वर्षा को जीवनदायिनी ऋतु कहा जाता है। इस ऋतु का इंतज़ार ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से किया जाता है। वर्षा आते ही प्रकृति और जीव-जंतुओं को नवजीवन के साथ हर्षोल्लास भी स्वतः ही मिल जाता है। इस ऋतु में हम अपने आसपास अनेक प्राकृतिक परिवर्तन देखते हैं; जैसे-

  1. ग्रीष्म ऋतु में तवे सी जलने वाली धरती शीतल हो जाती है।
  2. धरती पर सूखती दूब और मुरझाए से पेड़-पौधे हरे हो जाते हैं।
  3. पेड़-पौधे नहाए-धोए तरोताज़ा-सा प्रतीत होते हैं।
  4. प्रकृति हरी-भरी हो जाती हैं तथा फ़सलें लहलहा उठती हैं।
  5. दादुर, मोर, पपीहा तथा अन्य जीव-जंतु अपना उल्लास प्रकट कर प्रकृति को मुखरित बना देते हैं।
  6. मनुष्य तथा बच्चों के कंठ स्वतः फूट पड़ते हैं जिससे प्राकृतिक चहल-पहल एवं सजीवता बढ़ती है।
  7. आसमान में बादल छाने, सूरज की तपन कम होने तथा ठंडी हवाएँ चलने से वातावरण सुहावना बन जाता है।
  8. नालियाँ, नाले, खेत, तालाब आदि जल से पूरित हो जाते हैं।
  9. अधिक वर्षा से कुछ स्थानों पर बाढ़-सी स्थिति बन जाती है।
  10. रातें काली और डरावनी हो जाती हैं।
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पर्वत प्रदेश में पावस
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Chapter 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - योग्यता विस्तार [Page 29]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
योग्यता विस्तार | Q 1 | Page 29

RELATED QUESTIONS

कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है?


पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष आकाश की और क्यों देख रहे थे?


शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।


आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
(ग) कविता की संगीतात्मकता पर


कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।


‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


कविता में पर्वत को कौन-सा मानवीय कार्य करते हुए दर्शाया गया है?


पर्वतीय प्रदेश में स्थित तालाब के सौंदर्य का चित्रण कीजिए।


पर्वतीय प्रदेश में उड़ते बादलों को देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है?


कवि के देखते-देखते अचानक कौन-सा परिवर्तन हुआ जिससे शाल के वृक्ष भयाकुल हो गए?


पर्वतीय प्रदेश में कुछ पेड़ पहाड़ पर उगे हैं तो कुछ शाल के पेड़ पहाड़ के पास। इन दोनों स्थान के पेड़ों के सौंदर्य में अंतर कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है?


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वतों की दृष्टि किसे कहा गया है? पर्वत अपना प्रतिबिंब कहाँ और क्यों निहार रहे हैं?


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