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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए- −यों जलद-यान में विचर-विचरथा इंद्र खेलता इंद्रजाल।

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Question

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।

Long Answer
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Solution

इस पंक्ति में कवि ने वर्षा ऋतु के निरंतर बदलते रूप का सुंदर चित्रण किया है। कभी गहरे काले बादलों का छा जाना, कभी मूसलाधार वर्षा का बरसना, तो कभी तालाबों से उठते धुएँ जैसे कुहासे, इन सबके कारण प्रकृति पल-पल अपना रूप बदलती रहती है। यह दृश्य ऐसा प्रतीत होता है मानो बादलों के विमान में विराजमान देवराज इन्द्र तरह-तरह के अद्भुत और मोहक इन्द्रजाल रचकर खेल रहे हों।

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पर्वत प्रदेश में पावस
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Chapter 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - प्रश्न-अभ्यास [Page 23]

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NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
प्रश्न-अभ्यास | Q (ख) 2. | Page 23

RELATED QUESTIONS

कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।


इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है? स्पष्ट कीजिए।


कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।


इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।


बारिश, झरने, इंद्रधनुष, बादल, कोयल, पानी, पक्षी, सूरज, हरियाली, फूल, फल आदि या कोई भी प्रकृति विषयक शब्द का प्रयोग करते हुए एक कविता लिखने का प्रयास कीजिए।


पर्वत से गिरने वाले झरनों की विशेषता लिखिए।


पर्वतों पर उगे पेड़ कवि को किस तरह दिख रहे हैं?


पर्वतीय प्रदेश में उड़ते बादलों को देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है?


पर्वतीय प्रदेश में कुछ पेड़ पहाड़ पर उगे हैं तो कुछ शाल के पेड़ पहाड़ के पास। इन दोनों स्थान के पेड़ों के सौंदर्य में अंतर कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वत द्वारा अपना प्रतिबिंब तालाब में देखना पर्वत के किन मनोभावों को स्पष्ट करना चाहता है?


‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता में पर्वतों को ‘मेखलाकार पर्वत अपार’ कहने का कवि का क्या अभिप्राय है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।


“जिसके चरणों में पला ताल, दर्पण - सा फैला है विशाल" -इन पंक्तियों में कवि ने ताल को किस रूप में चित्रित किया है?


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