Advertisements
Advertisements
Question
मैंने समझा पूर्ण विश्राम पाठ से
Advertisements
Solution
व्यक्ति को अपने व्यस्त जीवन में विश्राम करने का बिल्कुल मौका नहीं मिलता। यदि मौका मिल भी जाए तो वह घरेलू कारणों से उसका लाभ नहीं उठा पाता। अत: हमें सैर पर जाने से पहले आवश्यक चीजों की सूची बनानी चाहिए और पूर्ण व्यवस्था के साथ सैर पर जाना चाहिए। इससे हम बिना चिंता के विश्राम तथा सैर का आनंद उठा सकते हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बीरबल की बौद्धिक चतुराई की कहानी के मुद्दों का फोल्डर बनाकर कहानी प्रस्तुत करो।
वृक्ष और पंछी के बीच का संवाद लिखो।
मैंने समझा नाखून क्यों बढ़ते हैं? पाठ से
पानी, वाणी, दूध इन शब्दों का उपयोग करते हुए कोई कविता लिखो।

मैंने समझा जीवन नहीं मरा करता है कविता से
।। हम सब एक हैं ।।
चित्रवाचन करके अपने शब्दों में कहानी लिखो और उचित शीर्षक बताओ। अंतिम चित्र में दोनों ने एक-दूसरे से क्या कहा होगा? लिखो:






।। ईमानदारी चरित्र निर्माण की नींव है ।।
‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।
हमें सदैव प्रसन्न रहना चाहिए।
अंकुरित अनाजों की सूची बनाओ और उपयोग लिखो।
रुपयों (नोट) पर लिखी कीमत कितनी और किन भाषाओं में अंकित है, बताओ।

यदि भोजन से नमक गायब हो जाए तो...
विभिन्न पशु-पक्षियों की बोलियों की नकल सुनाओ।
अक्षर समूह में से वैज्ञानिकों के उचित नाम बताओ और लिखाे :
| मी | भा | हो | भा | - | ______ | ||
| नी | से | ज | भि | र | - | ______ | |
| मं | बं | जू | स | ल | - | ______ | |
| स्क | रा | र्य | भा | चा | - | ______ | |
| जे. | क | म | ला | ए. | पी. | - | ______ |
| जा | अ | न | म्म | की | ल | - | ______ |
| ना | व | क | ला | चा | ल्प | - | ______ |
आप तरुण वैश्य/तरुणा वैश्य हैं। आप बी. एड कर चुके हैं। आपको विवेक इंटरनेशनल स्कूल, अ ब स नगर में हिंदी अध्यापक/अध्यापिका पद के लिए आवेदन करना है। इसके लिए आप अपना एक संक्षिप्त स्ववृत्त (बायोडाटा) लगभग 80 शब्दों में तैयार कीजिए।
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।
'भक्तिन' एक कर्मठ नारी के संघर्षमय जीवन की कहानी है। इस कथन को भक्तिन के जीवन के चार अध्यायों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
