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Question
यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......
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Solution
यदि साइकिल मुझसे बोलने लगी तो मुझे बहुत खुशी होगी। मैं उससे अपने मन की सारी बातें कहता और वह भी मुझे अपनी सारी बातें बताती। हम दोनों आपस में बहुत बातें करते। मैं उसे अपनी सबसे अच्छी दोस्त बना लेता और वह बिना मेहनत किए मुझे मेरी मनचाही जगह पर ले जाती। यदि साइकिल मुझसे बोलने लगी, तो मैं उसके सारे दुख-दर्द भी पूछूँगा। सब उस पर सवार होते हैं, उसपर सामान रखते हैं, तो उसे कैसा महसूस होता है? मैं उसकी नजर से दिखने वाली दुनिया के बारे में जानना चाहूँगा। साइकिल जिन-जिन स्थानों का भ्रमण कर चुकी होगी, उन सभी स्थानों के बारे में भी जानकारी लूँगा। यदि साइकिल मुझसे बोलने लगी, तो मैं उसके इतिहास के बारे में जानना चाहूँगा। उसका जन्म कब, कैसे और कहाँ हुआ? इन सबकी जानकारी लूँगा। उससे पूछूँगा कि वह पहले किस तरह दिखती थी? उसे पहले यह दुनिया कैसी लगती थी और अब कैसी लगती है? उसकी हालत में कैसे बदलाव आया? साइकिल से ढेर सारी बातें करके उसे अपनेपन का विश्वास दिलाऊँगा तथा उसकी हालत को बेहतर-से-बेहतर बनाने का प्रयत्न करूँगा।
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